दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए ईवीएम मशीन में गड़बड़ी के कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने भिंड में ईवीएम में हुई गड़बड़ी का मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी का यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले असम और दिल्ली में भी गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं।
केजरीवाल ने मध्यप्रदेश के भिंड में चुनाव आयोग द्वारा किए गए ईवीएम के टेस्ट पर बोलते हुए कहा कि आखिर वीवीपीएटी में से दोनों भाजपा के ही पर्चे क्यों निकले। गड़बड़ी कांग्रेस या सपा के साथ क्यों नहीं होती सिर्फ बीजेपी के साथ ही क्यों होती है।
हाल ही में हुए पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आने के बाद यूपी में मिली करारी हार के बाद मायावती ने ईवीएम पर सवाल उठाए थे। इसके बाद केजरीवाल ने पंजाब चुनाव में हार के लिए भी ईवीएम में गड़बड़ी को दोष दिया था। उनका कहना था कि जिस पार्टी के वोट प्रतिशत ज्यादा थे उसके कम प्रत्याशी जीते और जिसके कम वोट प्रतिशत उसके ज्यादा प्रत्याशी।
यही वजह है कि केजरीवाल ने एमसीडी के चुनाव में बैलट पेपर से चुनाव करने की गुजारिश की थी लेकिन आयोग ने उसे खारिज करते हुए ईवीएम को दुरुस्त बताया। इसी सिलसिले में आज कांग्रेस पार्टी और केजरीवाल फिर से चुनाव आयुक्त से मिले।