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जानिए किसका था मनीष सिसोदिया के समर्पण का फैसला और क्यों उठाया कदम

Sun, 26 Jun 2016 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मनीष सिसोदिया - फोटो : अमर उजाला
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ शिकायत व विधायक दिनेश मोहनिया की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सभी विधायकों को बैठक के लिए बुला लिया।
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हालांकि इससे पहले ही केजरीवाल ने ट्वीट कर मनीष सिसोदिया के प्रधानमंत्री निवास 7 रेस कोर्स पर समर्पण करने की जानकारी दे दी थी। रविवार को बैठक में मनीष सिसोदिया, कपिल मिश्रा, गोपाल राय, सत्येंद्र जैन सहित कई विधायक केजरीवाल के घर पहुंचे।

बैठक में मनीष सिसोदिया ने बताया कि वे जब गाजीपुर मंडी में अचानक निरीक्षण के लिए गए तो वहां अवैध कारोबार चला रहे लोगों को देखा। उन्हें चेतावनी देने पर कुछ लोगों ने उनके खिलाफ धमकी देने की शिकायत करा दी।
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बैठक में तय किया गया कि पुलिस इस मामले में सिसोदिया को गिरफ्तार करे, इससे पहले उन्हें प्रधानमंत्री निवास पर जाकर स्वयं ही समर्पण कर देना चाहिए, ताकि केंद्र व पुलिस पर दबाव बनाया जा सके।
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पुलिस पर दबाव के लिए समर्पण का फैसला

आप नेता - फोटो : अमर उजाला
बैठक में मोहनिया की गिरफ्तारी का हवाला दिया गया। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि उन्हें यकीन है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके खिलाफ की गई शिकायत को रंगदारी, लड़की छेड़ने, हिंसा आदि आरोपों में बदलवाकर उन्हें भी गिरफ्तार करने का इंतजाम कर लेंगे।

दूसरी तरफ आप ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आम लोगों के हित में पास बिलों को रोककर अन्याय कर रही है। आप पीएसी के सदस्य संजय सिंह ने कहा कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री आपातकाल की निंदा कर रहे हैं दूसरी तरफ उन्हीं के राज में राजधानी में अघोषित आपातकाल लगाया जा रहा है।

राजधानी में सरेआम विधायक को प्रेस कांफ्रेंस से उठाया जाता है। दिल्ली पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है। भाजपा के चार पार्षदों ने सरेआम आप पार्षद से मारपीट की लेकिन पुलिस चुप है।
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