मेरी तरह कई वॉलिन्टीयर आपको एक नेता की तरह पसंद करते हैं। हमें महज एक राज्य में स्थिर रहने की वजह से मत छोड़ दीजिए। हम चाहते हैं कि पार्टी के सभी नेता जुडे़ रहे।
हम चाहते हैं कि इस खराब वक्त में आप हमारा नेतृत्व करें। हमें पता है कि ये संकट जल्द ही दूर होगा। ईश्वर आपका साथ दे। ये महज एक टैक्स्ट मैसेज नहीं है बल्कि ये उन कार्यकर्ताओं की आवाज है जिन्होंने आप के मुखिया केजरीवाल की एक आवाज में कई दिनों बिना थके मेहनत की थी।
ये उन कार्यकर्ताओं की आवाज है जिन्हें केजरीवाल का साथ देने के लिए ये भी ध्यान नहीं दिया कि वो दिल्ली के रहने वाले हैं या नहीं।
कार्यकर्ता खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं
इन्हें उम्मीद में कि केजरीवाल की ये आम आदमी का जनांदोलन सिर्फ दिल्ली पर ही खत्म नहीं होगा, लेकिन ये कार्यकर्ता केजरीवाल के उस बयान के बाद खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं जिसमें केजरीवाल ने कहा था कि वो नेपोलियन नहीं हैं जो देश जीतें।
केजरीवाल ने ये भी कहा कि वो पांच साल तक दिल्ली पर ध्यान केन्द्रित करेंगे। इन्हें लगने लगा है कि उनका महज इस्तेमाल किया गया और अब उन्हें छोड़ दिया गया है।
इन कार्यकर्ताओं में अधिकतर ये कहते हुए मिल जाएंगे कि हमने ये सोचकर दिल्ली में चुनाव इस वजह से चुनावी अभियान चलाना है। इसके पीछे वो उम्मीद भी थी जिसमें हमें लगा था कि एक बार फिर हम आप के विस्तार के लिए उसे दिल्ली से बाहर भी ले जाएंगे।
उम्मीद थी कि उनकी समस्याओं का हल AAP करेगी
आम आदमी पार्टी का और राज्यों में भी विस्तार किया जाएगा। मुम्बई के रहने वाले आप के कार्यकर्ता कहते हैं कि देशभर के इन कार्यकर्ताओं के त्याग का क्या उपयोग रह गया है।
कौन है जिसने फरवरी में दिल्ली के लिए कैम्पेन किया था। योगेन्द्र यादव भी आम आदमी पार्टी को हरियाणा, पंजाब, बिहार जैसे अन्य राज्यों में लेजाकर विस्तार की नीति पर काम करने की इच्छा जता चुके थे।
हजारों कार्यकर्ता जो दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटका, चेन्नई के कई कार्यकर्ता है जों ठगा महसूस करने के बाद जिनके पास कई शिकायतें है जिन पर वो अपने नेता अरविंद केजरीवाल से बात करना चाहते हैं।
लोग केजरीवाल को राजनीतिक आइकन मान चुके हैं
पीटीआई के मुताबिक कर्नाटका में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता 14 मार्च को बंगलुरु में एक प्रस्ताव भी पास कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने भूषण और योगेन्द्र की पार्टी में वापसी की इच्छा जताई है।
कार्यकर्ता कहते हैं कि इस पूरी नकारात्मकता से स्थिति खराब हो रही है। मैसूर जिले के पूर्व बैंक मैनेजर विनोद फिलहाल नौकरी छोड़ चुके हैं। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बने हैं कहते हैं कि आप हमारे ऐसे नेता हैं जिस पर कोई विवाद नहीं है, और हम उनके नेतृत्व में राजनीतिक परिवर्तन की उम्मीद सिर्फ दिल्ली ही नहीं उसके बाहर भी देख रहे हैं।
जैसा दिल्ली में भ्रष्टाचार है वैसा ही अन्य राज्यों में भी है। पंजाब यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र के प्रोफेसर और लेखक मंजीत सिंह कहते हैं कि लोग आम आदमी की विचारधारा से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं।
केजरीवाल वापस आकर सब ठीक कर देंगे
आप स्वराज की बात करती है यानि आन्तरिक लोकतंत्र। इसी वजह से केजरीवाल के एक बुलावे पर लोग इकट्ठे हो गए। अन्य पार्टियों की अपेक्षा आम आदमी पार्टी की ताकत उनके कार्यकर्ता हैं।
यही कार्यकर्ता आप की रीढ़ हैं। लोकसभा चुनावों में जब केजरीवाल यहां आए थे तो लोग बच्चों को उनका आशीर्वाद दिलाने के लिए ले गए थे। रंजीत सिंह आगे कहते हैं कि वो एक राजनीतिक बदलाव के आइकन बन चुके हैं, लेकिन अभी जिस तरह के हालात हैं वो चौंकाने वाले हैं।
इससे पार्टी को भारी नुकसान होगा। अब लोगों को उम्मीद है कि केजरीवाल इलाज कराकर आते ही इन सारे विवादों का निपटारा कर देंगे।