70 मोबाइल सहायकों की जगह अब 300 मोबाइल सहायक लोगों की सहायता में जुटेंगे। सरकार का कहना है कि ऑपरेटरों और फोन लाइनों की संख्या बढ़ाने से फोन करने वाले लोगों को काफी सहूलियत हो जाएगी।
मीडिया से बातचीत में गहलौत ने कहा कि बड़े ही दुख की बात है कि भाजपा इस योजना को फेल करने की मुहिम में जुटी है, लेकिन दिल्ली सरकार इस योजना को कामयाबी तक पहुंचा कर रहेगी। उन्होंने बताया कि मोबाइल सहायकों को परेशान किया जा रहा है।
जब वे घर पर पहुंचते हैं तो उनसे कहा जाता है कि दो घंटे बाद आना मैं घर पर नहीं हूं। फिर दो घंटे बाद कहा जाता है कि 4 घंटे बाद आएं। इससे मोबाइल सहायक जरूरतमंदों की सहायता नहीं कर पा रहे हैं।