दिल्ली वालों के लिए मनोहरी नजारे के साथ बनाया गया सिग्नेचर ब्रिज रविवार को राजनीति के अखाड़े में बदल गया। ब्रिज के उद्घाटन के मौके पर उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल शेर हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा पैदा की गई अड़चनों के बावजूद ब्रिज का उद्घाटन किया, अब अड़चनें पैदा करने वाले खिसयानी बिल्ली की तरह खंभा नोच रहे हैं। इस मौके पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी भी अपने समर्थकों के साथ थे, लेकिन उन्हें मंच साझा नहीं करने दिया गया।
मोदी-मोदी के नारों के बीच मंच पर पहुंचे सिसोदिया ने कहा कि प्रधानमंत्री इस ब्रिज के निर्माण एक रुपये का भी सहयोग करते तो मैं उन्हें ब्रिज का उद्घाटन करने के लिए खुद बुलाता और मोदी-मोदी के नारे भी लगाता, लेकिन उन्होंने कई अड़चनें पैदा कीं। उन्होंने सीबीआई का डर दिखाया, अफसरों को धमकी दी कि मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल के कहने पर ब्रिज की फाइलें पास की और बजट जारी किया तो सीबीआई में भिजवा देंगे। अधिकारियों को डरा कर रखा गया कि कैबिनेट में ब्रिज का बजट पास करने दिया गया तो उनका अगला कदम सीबीआई या तिहाड़ में होगा।
इस बीच उन्होंने मनोज तिवारी को टारगेट करते हुए कहा कि आपको उद्घाटन में आने का बड़ा शौक है तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के किसी भी उद्घाटन कार्यक्रम में दिल्ली के चुने हुए मुख्यमंत्री को बुलाने पर क्यों प्रतिबंध लगाया हैं। उन्होंने कहा कि आज जान बूझकर हमनें किसी को नहीं बुलाया क्योंकि दिल्ली सरकार के पैसे से बने सिग्नेचर ब्रिज का उद्घाटन भी करना चाहते हो और नई परंपरा भी कायम रखते हो। उद्घाटन करना है तो दिल्ली में 10 हजार स्कूल बन रहे हैं, आ जाइए उनका उद्घाटन करिए।