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पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर केजरीवाल का अड़ंगा, करवाना चाहते हैं ये बड़ा बदलाव

Thu, 30 Aug 2018 05:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो
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दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल और केंद्र सरकार के बीच एक बार फिर एक मुद्दे को लेकर विवाद होता नजर आ रहा है। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक आयुष्मान भारत 25 सितंबर को देशभर में लॉन्च होगा। इससे योजना से करीब 10 करोड़ परिवारों को फायदा मिलेगा, लेकिन इसे लागू करने से पहले पहले ही विवाद होता नजर आ रहा है।

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इस योजना से केवल दिल्ली में करीब 20 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। इसका पूरा नाम आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना है, लेकिन दिल्ली सरकार की मांग है कि इसमें प्रधानमंत्री का नाम हटाकर मुख्यमंत्री का नाम रखा जाए।

मेल टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, केजरीवाल सरकार की मांग है कि इस योजना का नाम 'मुख्यमंत्री आम आदमी स्वास्थ्य बीमा योजना-आयुष्मान भारत रखा जाए। इस बात को लेकर केंद्र सरकार की ओर से यही कहा जा रहा है कि योजना की शुरुआत करने पर ध्यान दिया जाए, बाकी चीजों को बाद में देखा जाएगा।
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इसके अलावा दिल्ली सरकार की एक और मांग है कि इस योजना में 50 लाख लोगों का नाम और जोड़ा जाए। जिसे लेकर केंद्र का तर्क है कि इस योजना को 2011 की जनगणना के अनुसार लागू किया जा रहा है, जिसके तहत राजधानी में 20 लाख लोगों का ही नाम आता है।

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नाम बदलने को लेकर गरमाई राजनीति        

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि  केन्द्र सरकार 25 सितंबर से ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री आरोग्य योजना’ लागू करने जा रही है, लेकिन आप सरकार ने इसे दिल्ली में पटरी से उतारने के लिए कमर कस ली है।

केन्द्र सरकार की इस योजना से प्रधानमंत्री का नाम जुड़ा होने की वजह से आप सरकार इसे लागू किए जाने के रास्ते में रोड़े अटका रही है। केन्द्र से कहा है कि आप दिल्ली में इस योजना का नाम बदलकर ‘मुख्यमंत्री आम आदमी स्वास्थ्य बीमा योजना-आयुष्मान भारत’ रखना चाहती है। नाम बदलने के पीछे असली मकसद योजना को दिल्ली में लागू होने से रोकना है। आप सरकार का यह रवैया दर्शाता है कि पार्टी गरीबों से ऊपर अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षाओं को रखती है। 

विपक्ष के नेता ने कहा कि 29 राज्य सरकारों ने इस योजना से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं जबकि शेष राज्य और केंद्र शासित क्षेत्र भी जल्द हस्ताक्षर करने वाले हैं। सभी राज्य केन्द्र की योजना को स्वीकार कर चुके हैं, लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा है कि केजरीवाल सरकार राजनीति से प्रेरित होकर नाम परिवर्तित करने पर अधिक जोर दे रही है।
 
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गरीब परिवार योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे

उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे केन्द्र की मेगा स्वास्थ्य बीमा योजना के क्रियान्वयन में रोड़ा न अटकाएं, क्योंकि करोड़ों गरीब परिवार योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली सरकार आखरी समय पर आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन से पीछे हट रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि आप सरकार इस योजना को दिल्ली में लागू करने से रोकती है या इसकी राह में रोड़े अटकाती है तो जनता उसे कभी माफ नहीं करेगी। 

दिल्ली में आर्थिक तौर पर कमजोर लाखों परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिनके पास अब तक न तो चिकित्सा सुविधा है और न ही इलाज के लिए पैसे हैं। आखिरी वक्त पर आप सरकार की यूनीक क्विक रेस्पॉन्स (क्यू. आर.) कोड प्रणाली भी पटरी से उतर जाएगी। इसके जरिये पांच सितंबर को चिन्हित परिवारों के लिए क्यू. आर. भेजा जाना है, जिन्हें वार्षिक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कवर किया जाना है। 
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