दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूल के अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने 31 अक्तूबर को समाप्त हो चुके उनके अनुबंध को उनके पद भरने तक बढ़ा दिया है। शिक्षा निदेशालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। इस तरह से अतिथि शिक्षकों को बार-बार अनुबंध बढ़ाने के नए आदेश का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
हालांकि, स्थायी शिक्षक की नियुक्ति होने पर उन्हें हटाना पड़ेगा। अनुबंध समाप्त होने के बाद उसको बढ़ाने का आदेश नहीं आने के कारण अतिथि शिक्षक असमंजस में थे।
ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन सदस्य शोएब राणा ने कहा कि राहत तो मिली है, लेकिन यह फौरी है। इस आदेश से अतिथि शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित नहीं है। जब भी स्थायी भर्ती होगी तो उन्हें हटाया जाएगा।
दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने कोर्ट में हलफनामा दिया है कि मार्च 2020 तक लंबित भर्ती की परीक्षा करा ली जाएगी। उन्होंने कहा कि उसका हल है कि शिक्षकों के लिए 60 साल तक कार्य करने वाली पॉलिसी बनाकर पास की जाए। दिल्ली सरकार ने वर्ष 2017 में जो बिल विधानसभा में पास करके एलजी के पास भेजा था उसको पास करवा कर लागू किया जाए।