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केजरीवाल के एक और अपने ने उन्हें दिया दर्द, छिन सकता है मैग्सेसे पुरस्कार

Wed, 24 May 2017 06:18 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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पूर्व सहयोगी सुनील लाल ने मैग्सेसे को ल‌िखी च‌िट्ठी - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को साल 2006 में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए विश्व का प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार दिया गया था। आशंका है कि अब केजरीवाल से यह अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी छिन सकता है। और अगर ऐसा हुआ तो इसकी वजह भी उनका एक अपना ही होगा।
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दरअसल अरविंद केजरीवाल के एक पूर्व सहयोगी ने सुनील लाल उस संस्था को एक खत लिखा है जिसने केजरीवाल को मैग्सेसे पुरस्कार दिया था। बता दें कि सुनील लाल ने पिछले साल 10 मई को संस्था को एक खत लिखा था और अब तक उस पर कोई जवाब न मिलने के बाद रिमाइंडर भेजा है।

इस खत में सुनील लाल ने मैग्सेसे पुरस्कार देने वाली संस्था से मांग की है कि केजरीवाल के पुरस्कार को रद्द कर दिया जाए। सुनील के अनुसार मैग्सेसे की वेबसाइट पर लिखा है कि केजरीवाल को ये अवार्ड दो कारणों से मिला था। एक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए चलाई गई उनकी म‌ुहिम और दूसरा आरटीआई के लिए जागरूकता लाने के साथ ही प्रयोग करना।
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ज‌िन कारणों से म‌िला था अवार्ड नहीं क‌िया वो काम

केजरीवाल और स‌िसोद‌िया - फोटो : अमर उजाला
सुनील के अनुसार अपने दो साल के कार्यकाल में अरविंद केजरीवाल इन दोनों ही मुद्दों पर कुछ खास नहीं कर सके हैं। ना ही भ्रष्टाचार को लेकर को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया और ना ही आरटीआई को लेकर कोई खास रुचि दिखाई गई।

सुनील लाल का कहना है कि जब उन दो कारणों पर ही केजरीवाल विफल रहे जिनकी वजह से उन्हें पुरस्कार मिला तो उनके ‌पुरस्कार वापस ले लेने चाहिए। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र अनिल गलगले ने दिल्ली सरकार में आरटीआई दायर कर विज्ञापन पर खर्चे का ब्योरा मांगा तो मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी देने से मना कर दिया। वहां दिल्ली शैलेंद्र सिंह ने भी आरटीआई दायर कर जवाब मांगा तो उन्हें भी जवाब नहीं दिया गया।

वहीं भ्रष्टाचार के मुद्दों पर तो खुद केजरीवाल और उनके मंत्रियों तक पर आरोप लग चुका है और वह कोई जवाब नहीं दे सके हैं। लाल ने बताया कि उन्होंने संस्था को लिखा है कि उनसे जांचने में गलती हो गई है, जब इनकी नाक के नीचे यह सब हो रहा है तो आपको पुरस्कार वापस लेना चाहिए।

सुनील लाल तो ये तक कहते हैं कि उनका बस चले तो वो फिलीपीन जाकर संस्था के सामने तक प्रदर्शन कर अपनी मांग रख देंगे। इस संबंध में उन्होंने ट्वीट भी किया है। https://t.co/Y1i5Gkifq7 https://t.co/tVS5Ngy82z — Sunil Lal (@sunil2819) May 24, 2017
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