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केंद्र पर भड़के केजरीवाल: धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा, बोले- सोनम वांगचुक को बनाएं देश का शिक्षा मंत्री

Thu, 16 Jul 2026 07:07 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केजरीवाल ने केंद्रीय कैबिनेट में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा। केजरीवाल ने कहा कि मेरा प्रधानमंत्री को एक सुझाव और प्रस्ताव है कि धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाना चाहिए और पीएम को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए।
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : ANI
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विस्तार
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नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शन और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन को अपना समर्थन देते हुए केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर दी है।

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केंद्र को केजरीवाल की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि युवाओं की आवाज, इस आंदोलन और सोनम वांगचुक की बात को सुनिए, वरना तीन साल बाद (आगामी चुनावों में) केंद्र सरकार का वही हश्र होगा जो 2014 में तत्कालीन सरकार का हुआ था।

पीएम मोदी को दिया अनोखा प्रस्ताव
शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही तय करने की मांग उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कैबिनेट में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा। केजरीवाल ने कहा कि मेरा प्रधानमंत्री को एक सुझाव और प्रस्ताव है कि धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाना चाहिए और पीएम को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए।

सोनम वांगचुक के अनशन का 19वां दिन
यह पूरा विवाद 2026 की नीट-यूजी परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के आरोपों से जुड़ा है। लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक इसी मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। गुरुवार को उनके इस आमरण अनशन का 19वां दिन था। वांगचुक की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना है।

वांगचुक की सेहत की रोजाना हो क्लीनिकल मॉनिटरिंग
सोनम वांगचुक के लगातार बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई थी, जिस पर गुरुवार को अदालत ने बड़ा आदेश जारी किया। 

अदालत की टिप्पणी: चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि हर नागरिक का जीवन अनमोल है और सरकार को इसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए।

हाईकोर्ट का निर्देश: कोर्ट ने आदेश दिया है कि जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के दौरान सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की रोजाना क्लीनिकल मॉनिटरिंग (जांच) की जाए। अगर सरकारी डॉक्टरों की राय में किसी भी तरह के मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत होती है, तो बिना किसी देरी के उन्हें तुरंत चिकित्सा सुविधा दी जाए।
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केंद्र सरकार ने कोर्ट को दिया भरोसा
सुनवाई के दौरान केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि सरकारी डॉक्टरों और चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम पहले से ही रोजाना वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। उन्होंने बेंच को भरोसा दिलाया कि यदि जरूरत पड़ी तो डॉक्टरों की एक और अतिरिक्त टीम भी तैनात की जा सकती है। कोर्ट ने सरकार के इस आश्वासन के बाद राकेश कुमार साहनी द्वारा दायर की गई इस जनहित याचिका का निपटारा कर दिया।
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