लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी इन लोगों को दिल्ली सरकार की ओर से नौकरी नहीं दी गई है। बताया जा रहा है कि इनमें से तो कई ऐसे थे जिन्हें 10-15 सालों से नौकरी का इंतजार है। कितनी सरकारें आईं और चली गईं लेकिन इन्हें आज भी नौकरी का इंतजार है।
इन्हीं लोगों ने मुख्यमंत्री केजरीवाल के जन्मदिवस को शोक दिवस के रूप में मनाया और सैकड़ों लोगों ने अपने बाल मुंडवा लिए। इन लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री का जन्मदिन उनके लिए खुशी का दिन होगा लेकिन हमारे लिए ये शोक दिवस ही है क्योंकि वह अपना वादा नहीं पूरा कर रहे।