मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज मैं जो कुछ भी हूं उसके अंदर 90 फीसदी आईआईटी खड़गपुर में मेरी पढ़ाई का योगदान है। उन्होंने छात्रों से कहा कि भविष्य में जिस भी इंजीनियरिंग कॉलेज में जाना वहां किताबी कीड़ा मत बनना।
नंबरों के पीछे भागने के बजाय कल्चरल एक्टिविटी, स्पोर्ट्र्स एक्टिविटी में भाग लेना इससे आपका एक बेहतर व्यक्तित्व सामने आएगा। जब इंजीनियर बन जाओ तो देश को भूलना नहीं और अपनी कमाई व जिदंगी का कुछ हिस्सा देश के नाम लगाना।
मुख्यमंत्री सरकारी स्कूलों में पढ़कर जेईई मेंस क्वालिफाई करने वाले 372 छात्रों से संवाद कर रहे थे। मंगलवार को त्यागराज स्टेडियम में आयाजित संवाद कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बधाई दी और कहा कि यह सबकी बदौलत से संभव हो सका।
उन्होंने कहा कि पहले लोग सरकारी स्कूल में अपने बच्चों को नहीं पढ़ाना चाहते थे लेकिन सरकारी स्कूलों में जिस तरह क्रांति आई है आप जैसे बच्चों का रिजल्ट उसका नतीजा है। सरकारी स्कूल के बच्चों में हम किसी से कम नहीं हैं का आत्मविश्वास आया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों को चलाने के लिए गरीब से गरीब आदमी टैक्स देता है।
आप सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में जाएंगे वहां भी गरीब आदमी के टैक्स से दिए हुए पैसे से आपकी पढ़ाई होगी। इसलिए देश को मत भूलना। वहीं उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आप सब सरकारी स्कूल के ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के बच्चों के आगे के करियर को संवारने के लिए सरकार को क्या करना चाहिए इसको लेकर इनपुट देने को कहा।