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5वें दिन भी राजनिवास पर जारी केजरीवाल का धरना, कांग्रेस बोली- समझ नहीं आता क्यों कर रहे धरना

Sat, 16 Jun 2018 10:40 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली
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धरना तुड़वाने पहुंची डॉक्टरों की टीम - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के धरने का आज पांचवां दिन है। उनके तीन मंत्री मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और गोपाल राय सोमवार शाम 6 बजे से राजनिवास पर धरना दे रहे हैं। वहीं सिसोदिया और जैन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

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वहीं खबर मिल रही है कि अब केजरीवाल व उनके मंत्रियों का धरना जबरन खत्म करवाने के लिए राजनिवास में एंबुलेंस और डॉक्टर पहुंचे रहे हैं। इस खबर के बाद सिसोदिया ने ट्वीट कर पानी तक त्याग देने की चेतावनी दी है। उन्होंने वीडियो में कहा-"मैं और सत्येंद्र जैन दिल्ली की बेहतरी के लिए तपस्या कर रहे हैं, अगर LG साहब ज़बरदस्ती अनशन तुड़वाने की कोशिश करेंगे तो हम पानी भी त्याग देंगे।"

कांग्रेस का वार
केजरीवाल के अनशन पर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा है कि दिल्ली में धरने का तमाशा चल रहा है। सीएम एलजी के घर धरने पर बैठे हैं और बीजेपी सचिवालय में धरना दे रही है। ये दोनों की सोची-समझी साजिश है।
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माकन ने केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य सचिव की पिटाई साजिश के तहत करवाई गई क्योंकि उन्हें पता था कि इसका अंजाम क्या होना है। ये सब दिल्ली सरकार की नाकामियों को छिपाने के लिए किया गया ताकि जनता का ध्यान भटकाया जा सके।

माकन ने शीला सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि शीला सरकार के 15 सालों तक लोगों की सेवा की। उसे आज भी मेट्रो, सीएनजी और बिजली सुधार के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि उस वक्त बीजेपी की सरकार भी थी लेकिन जिस तरह से शीला सरकार ने काम किया वो ये पार्टी नहीं कर सकी है।

वहीं शीला दीक्षित ने कहा कि सरकार को धरना देते आज तक नहीं देखा। ये लोग धरना क्यों दे रहे हैं ये भी समझ नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि मोदी के नीचे काम करने की चुनौती है लेकिन धरने की राजनीति बेबुनियाद है।

राजनिवास पर एंबुलेंस पहुंचने पर राजनीति
राजनिवास पर पहुंची एंबुलेंस, डॉक्टरों की टीम और पुलिस आदि के पहुंचने के बाद आम आदमी पार्टी एलजी पर यह आरोप लगा रही है कि वह मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों का धरना जबरन खत्म कराना चाहते हैं। इस बारे में आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा "जिस तरह से खबर मिल रही है, LG house में अफरा तफरी का माहौल है और छावनी में तब्दील कर दिया है। समस्या के समाधान की जगह LG जबरन अनशन तुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं, अनशनकारियों के लिए चिकित्सीय व्यवस्था नही कर रहे।"

संजय सिंह आगे बोले-"समस्या के समाधान की जगह LG जबरन अनशन तुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं, अनशनकारियों के लिए चिकित्सीय व्यवस्था नही कर रहे।" वहीं सौरभ भारद्वाज ने कहा, "हम पहले दिन से कह रहे हैं कि यह हड़ताल एक राजनैतिक साजिश है, IAS की हड़ताल का बचाव BJP के विधायक और नेता कर रहे हैं।
बात साफ है: यह सब PMO के इशारे पर और LG के संरक्षण में हो रहा है।" वहीं संजय सिंह ने एक वीडियो ट्वीट कर कहा है, "तानाशाही चला रहे हैं LG, अनशनकारियों से हो रहा है अमानवीय बर्ताव। LG आवास में हमारे दोनों मंत्री मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को अनशन के दौरान चिकित्सा की जरूरतें नहीं दी जा रहीं। क्या LG और मोदीजी यही चाहते हैं कि दोनों मंत्री अपनी जान दे दें?" जानकारी के अनुसार, इन मंत्रियों के धरने की वजह से उपराज्यपाल अनिल बैजल अपना सारा काम घर से ही कर रहे हैं। इन सबके बीच अब आम आदमी पार्टी ने राजनिवास के बाद पीएम आवास के घेराव करने का ऐलान कर दिया है।

पार्टी ने ऐलान किया है कि वह रविवार को पीएम आवास का घेराव करेगी। उनका कहना है कि उपराज्यपाल उनकी बात नहीं सुन रहे हैं, इसलिए अब बात पीएम तक पहुंचाई जाएगी। पार्टी ने ऐलान किया है कि रविवार शाम 5 बजे राशन की होम डिलीवरी के लिए सभी विधायक चावल का एक पैकेट प्रधानमंत्री को पार्सल भेजकर कहेंगे कि दिल्ली के लोगों का राशन मत बंद कीजिए।

केजरीवाल ने खुद वीडियो जारी कर कहा है कि अगर रविवार तक कुछ नहीं होता है तो दिल्ली में घर-घर जाकर 10 लाख लोगों से खत लिए जाएंगे। उन्हें पीएम मोदी को दिया जाएगा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दें और राशन की होम डिलीवरी को मंजूरी दें।

केजरीवाल ने पीएम से लगाई गुहार
केजरीवाल ने आज सुबह ट्वीट करते हुए दिल्ली में चल रही अधिकारियों की हड़ताल को खत्म कराने के लिए गुहार लगाई। उन्होंने ट्वीट किया- सुप्रभात आज सत्येंद्र जी के अनशन का चौथा दिन है। मनीष जी के अनशन का तीसरा दिन है। कल LG साहब से मिलने का समय मांगा था। उन्होंने जवाब भी नहीं दिया प्रधानमंत्री जी से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया। उम्मीद करता हूं दिल्ली को जल्द समाधान मिलेगा सत्येंद्र जैन ने भी ट्वीट कर लिखा है-सुप्रभात साथियों, LGऑफिस में इंतजार करते 4 रातें बीत गई, मगर LG साहब 4 मिनट का समय नहीं निकाल पाए, उम्मीद है प्रधानमंत्री जी ध्यान देंगे।
 

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केजरीवाल के पक्ष में विपक्षी दलों ने की आवाज बुलंद

kejriwal
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के राजनिवास में चल रहे धरने का गुरुवार को कई विपक्षी दलों ने समर्थन किया। वरिष्ठ नेता शरद यादव ने इस बारे में एक पत्र लिखा। वहीं, समाजवादी के प्रमुख व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा नेताओं के दिल्ली सचिवालय में घुसने को लोकतंत्र की हत्या करार दिया।

जबकि तमिलनाडु में नई पार्टी गठित करने वाले अभिनेता कमल हासन, आरजेडी के तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर केजरीवाल के हक में आवाज बुलंद की। दूसरी तरफ सीपीआई (एम) ने भी पत्र लिखकर उपराज्यपाल के रवैये को गलत बताया है। हालांकि, कांग्रेस की राय इस मसले पर केजरीवाल के साथ नहीं है।

विपक्षी दलों से मिल रहे समर्थन के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इतिहासकार रामचंद्र गुहा के एक ट्वीट पर लिखा है कि उम्मीद है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नक्शेकदम पर काम करेंगे।

मोदी विपक्षी दलों से शासित राज्य सरकारों को काम करने की छूट देंगे। वहीं, केजरीवाल ने कहा है कि बेशक कांग्रेस का दिल्ली के मौजूदा संकट पर कुछ भी रुख हो, लेकिन वह दिल्ली के साथ पुडुचेरी को भी पूर्ण राज्य का दर्जा देने के हक में हैं।

देश के हर हिस्से में लोकतंत्र कायम होना चाहिए। रामचंद्र गुहा ने अपनी पोस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व शीला दीक्षित के सौहार्दपूर्ण संबंधों का हवाला दिया था।
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किसने क्या कहा

हड़ताल पर केजरीवाल और उनके मंत्री
शरद यादव ने लिखा है कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार को काम नहीं करने दिया जा रहा है। यह दिल्ली सरकार की नाकामी नहीं, इससे कहीं बढ़कर उपराज्यपाल के साथ चल रहे बेमतलब के टकराव से दिल्ली के नागरिकों की उपेक्षा हो रही है।

यह समझ से परे है कि दिल्ली सरकार को काम करने से रोककर किसी को क्या हासिल होगा। शरद यादव ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह मामले में दखल देकर गतिरोध को दूर करे।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने मीडिया में बयान जारी कर कहा है कि कोई संवैधानिक अधिकरण चुनी हुई सरकार के काम में दखल नहीं दे सकता। वह किसी सरकार का मोहरा नहीं हो सकता। दिल्लीवालों के हित में उपराज्यपाल को उपमुख्यमंत्री से मुलाकात कर गतिरोध दूर करना चाहिए। 

देश की राजधानी के सचिवालय पर केंद्र के सत्ताधारी राजनीतिक दल के कब्जे की खबर लोकतंत्र की हत्या से भी बदतर हालात की ओर इशारा करती है। यह सत्ता का अहंकार है। जो आज ताकत से जनतंत्र पर कब्जा कर रहे हैं, वो कल जनता के घरों पर कब्जा करेंगे। जनता में डर भी है और गुस्सा भी। -अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश   

लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार के काम में दखल देना अस्वीकार्य है। हकीकत में जो दिल्ली में हो रहा है, पुड्डुचेरी व तमिलनाडु के हालात उससे जुदा नहीं हैं। यह लोगों की बेहतर बदलाव की उम्मीदों पर कुठाराघात है।-कमल हासन, अभिनेता व मक्कल निधि मय्यम दल के संस्थापक      

तानाशाही केंद्र ने दिल्ली व पुड्डुचेरी में लोकतंत्र का तमाशा बना दिया है। जनता द्वारा चुनी गयी सरकारों के कामकाज में केंद्र अधीन सरकारी मोहरों को आगे करके बाधा डालना जनतंत्र के संदर्भों और अपेक्षाओं को लहूलुहान करना है। आवाम ने अपने मकसद को पूरा करने के लिये सरकारें चुनी हैं।-तेजस्वी यादव, नेता, आरजेडी
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