फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिसोदिया अधिकारियों से बोले संविधान पढ़ कर आओ

विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली में सरकार और उपराज्यपाल के बीच चल रहा झगड़ा राष्ट्रपति के पास पहुंच चुका है। इसी बीच आज दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने सभी अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
विज्ञापन


डिप्टी सीएम ने इस बैठक में सभी अधिकारियों को संविधान पढ़कर आने के लिए कहा है। बता दें कि इससे पहले केजरीवाल दिल्ली सरकार के अधिकारियों को एलजी का आदेश ना मानने को कह चुके हैं।

वहीं खबर है कि प्रिंसिपल सेक्रेटरी- सर्विसेज के पद से हटाए गए अनिंदो मजुमदार ने इस बैठक में आने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि इस बैठक में सभी विभागों के प्रमुख अधिकारियों को बुलाया गया है और उनके पास कोई विभाग ही नहीं है। इसलिए वो इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।
विज्ञापन


इसी बीच केजरीवाल ने भी पीएम मोदी को चिट्ठी लिख इस विवाद को सुलझाने के लिए मदद मांगी है। उन्होंने लिखा है कि दिल्ली की सरकार को जनता ने चुना है तो उसे स्वतंत्र रूप से कार्य करने दिया जाए।

किसके पक्ष में जाएगा राष्ट्रपति का फैसला

उपराज्यपाल नजीब जंग और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच की कड़वाहट मंगलवार को राष्ट्रपति के दरबार पहुंची। दोपहर को नजीब जंग ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के समक्ष अपना पक्ष रखा तो शाम को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने।

केजरीवाल के साथ उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी थे। नजीब और केजरी दोनों ने राष्ट्रपति के सामने एक-दूसरे के काम में बाधा डालने की शिकायत की और संविधान के विरुद्ध काम करने की बात कही। शाम को शकुंतला डी गैमलीन उप राज्यपाल से मिलीं।

अब संविधान, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अधिनियम और कार्य संपादन प्रक्रिया की अलग-अलग तरह की व्याख्या को लेकर अंतिम फैसला राष्ट्रपति को ही करना है।

कैसे बदलेंगे ये समीकरण ?

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘मुलाकात अच्छी रही। दिल्ली के हालात पर बातचीत हुई। राष्ट्रपति ने हमारी बातें ध्यान से सुनीं। दिल्ली के हालात से राष्ट्रपति नाखुश थे।

उपराज्यपाल की शिकायत की। वह सीधे अफसरों को चार बार निर्देश दे चुके हैं जो संविधान के विरुद्ध है। राष्ट्रपति शासन की तरह सरकार चलाने की कोशिश कर रहे हैं। उपराज्यपाल का सरकार चलाने में दखल लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं। राष्ट्रपति ने शिकायत पर विचार करने का आश्वासन दिया है।’

नजीब जंग ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। करीब पंद्रह मिनट की मुलाकात में यहां भी उपराज्यपाल ने दिल्ली प्रशासन के हालात की जानकारी दी। संभावना जताई जा रही है कि अब गृहमंत्री जल्द राष्ट्रपति से मुलाकात करके मामले में हस्तक्षेप करेंगे।

अभी तक केंद्र सरकार ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री जंग के बीच विवाद सुलझाने को लेकर कोई हस्तक्षेप नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार उपराज्यपाल नजीब जंग ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान पिछले दिनों उनकी अनदेखी करके कैबिनेट मंत्रियों की तरफ से आदेश जारी करने, उपराज्यपाल का आदेश सीधे न मानने, सॉलीसीटर जनरल की उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री के अधिकार पर राय समेत कई पहलू रखे। बताया जाता है कि संविधान केअनुसार काम करने की बात राष्ट्रपति ने उपराज्यपाल से कही है।
विज्ञापन

अरविंद रे को ऐसे बने प्रधान सचिव

उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री के बीच मंगलवार को भी घमासान जारी रहा। सेवा विभाग के प्रधान सचिव बनाए गए मुख्यमंत्री के सचिव राजेन्द्र कुमार ने अनिंदो मजूमदार से छीने गए सामान्य प्रशासन विभाग (जीएबी) का प्रधान सचिव अरविंद रे को बना दिया।

हालांकि सेवा विभाग अभी भी राजेंद्र कुमार के पास ही रखा गया है। इस आदेश को उपराज्यपाल के आदेश को पलटने और बिना उनकी सहमति के बिना पद पर नियुक्ति से जोड़कर देखा जा रहा है।

क्याेंकि उपराज्यपाल ने ही राजेंद्र कुमार की नियुक्ति को ही रद्द करने का आदेश जारी किया था। गत दिनों 1984 बैच के आईएएस अरविंद रे को आम आदमी पार्टी की सरकार ने प्रधान गृह सचिव के पद से हटाया दिया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें