गुड़गांव के खेड़कीदौला टोल पर स्थानीय कमर्शियल वाहनों से टोल अदायगी को लेकर ग्रामीणों की लामबंदी शुरू हो गई है। टोल प्रबंधन की कथित मनमानी के खिलाफ अब ग्रामीण एकजुट होकर बड़ा फैसला लेने की तैयारी कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने इसके लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है, जिसके तहत रविवार को महापंचायत कर इसका ऐलान किया जाएगा। ग्रामीणों के अनुसार, महापंचायत में प्रशासनिक अधिकारियों को भी बुलाया जाएगा।
एनएच आठ स्थित खेड़कीदौला टोल पर टोल प्रबंधन कंपनी मिलेनियम सिटी एक्सप्रेस-वे प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से स्थानीय कमर्शियल वाहनों पर टोल शुल्क लगाने के आदेश के बाद ग्रामीण नाराज हैं।
पिछले चार महीने में टोल पर तीन बार हंगामा होने के बावजूद जिला प्रशासन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं ले सका है। टोल पर लगातार ऐसी स्थिति को देखते हुए आसपास के 45 गांवों के ग्रामीण स्थानीय वाहनों को टोल फ्री करने के लिए मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक पत्र लिख चुके हैं।
टोल के आसपास के ग्रामीणों का तर्क है कि पुरानी टोल कंपनी की तरफ से स्थानीय ग्रामीणों के निजी और कमर्शियल वाहनों को टोल की छूट थी, जिसे नई टोल कंपनी ने रोक दिया। वहीं, टोल कंपनी इसे एनएचएआई की दिशा-निर्देश पर काम करने की बात कह रही है।
इसी महीने टोल पर हुए हंगामे के बाद ग्रामीणों ने 23 नवंबर सुबह दस बजे नरसिंहपुर गांव के बाबा बुधनाथ मंदिर में महापंचायत का ऐलान किया था। इसे लेकर आंतरिक स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है। बताया जा रहा है कि महापंचायत में प्रशासनिक स्तर के अधिकारियों को भी बुलाया गया है, जिनकी देखरेख में को सर्वसम्मत फैसला लिया जाएगा।
मानेसर के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश के अनुसार महापंचायत में स्थानीय कमर्शियल वाहनों का टोल मुफ्त करने के अलावा एनएच आठ पर सर्विस लेन, एबुलेंस लेन को दुरुस्त करने के अलावा अटके हुए निर्माणाधीन काम को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग उठाई जाएगी।