हिंदी सिनेमा के शो-मैन फिल्म निर्माता राजकपूर की प्रसिद्धि न सिर्फ भारत बल्कि कजाकिस्तान में भी है।
इस बात की जानकारी सूरजकुंड मेले में कजाकिस्तान की लोक संस्कृति का परिचय देने आईं डांस ग्रुप कॉर्डिनेटर लुदमिला और इरीना ने दी।
उन्होंने कहा कि वे फिल्म अभिनेता व निर्माता राजकपूर की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं। राजकपूर की जो फिल्में रिलीज हुई हैं उसे कई बार देखा है। वहां मेरा नाम जोकर खास मशहूर है। उन्होंने बताया कि राजकपूर की फिल्मों के गीत, कहानी और उनके पात्र से बेहद प्रभावित हैं। कहानी विशेष कर हिंदी फिल्मों में ट्रेजडी भरे सीन उन्हें बहुत पसंद हैं।
कलाकार अरदक ने बताया कि उन्हें ऐश्वर्या राय की हम दिल दे चुके सनम व ताल काफी पसंद आई। उसमें ऐश्वर्या राय की सभी डांस मुद्राएं वह प्रैक्टिस करती रहती हैं। अबाक मुराद ने बताया कि हिंदी फिल्मों की पटकथा में काफी बदलाव आ रहा है। लेकिन उसके बाद भी स्टोरी में जो ट्रेजडी और इमोशनल ड्रामा है। वह किसी को भी आकर्षित कर सकता है।
लोक नृत्य में दिखी रहन-सहन की झलक
मेले में कजाकिस्तान के कलाकारों ने अपने लोक नृत्य को प्रस्तुत किया। नृत्य में वहां के नागरिकों के रहन-सहन, व्यवहार की झलक देखने को मिली। नृत्य में 15 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। डांस ग्रुप कॉर्डिनेटर लुदमिला ने बताया कि इस नृत्य में डोमरा (सारंगी की तरह दिखने वाला वादक), सांस-सिरनाई (बांसुरी की जगह इस्तेमाल होता है) म्यूजिकल इंस्टू्रमेंट का उपयोग किया गया है। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान प्रत्येक दिन वे किसी न किसी अपने लोक नृत्यों को प्रस्तुत करेंगे।