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भूकंप के बाद आठ घंटे तक गायब रही दिल्ली-काठमांडू बस

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नेपाल में जबरदस्त भूकंप का असर दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की दिल्ली से काठमांडू के बीच चलने वाली इंटरनेशनल बस सेवा पर भी पड़ा। क्योंकि भूकंप के चलते आठ घंटों तक बस गायब थी।
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भारत सरकार को रात करीब 8 बजे सूचना मिली कि बस काठमांडू पहुंच गई है। उसके बाद सबने राहत की सांस ली। जबकि भूकंप के बाद सड़कों के टूटने के चलते शनिवार को दिल्ली आने वाली बस सेवा रोक दी गयी है।

दिल्ली ट्रांसपोर्ट की दिल्ली-काठमांडू बस सेवा सुबह 11.30 बजे काठमांडू पहुंचने थी, लेकिन उसी समय भूकंप आ गया। भूकंप के चलते नेपाल में जान-माल का नुकसान और सड़कें टूटने की खबर पता लगते ही डीटीसी ने भी नेपाल में बस के सुरक्षित पहुंचने की सूचना जाननी चाही।
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रात आठ बजे मिली सूचना

लेकिन फोन ही नहीं लगे। इसके बाद हेल्पलाइन पर पूछा गया, लेकिन वहां से भी कोई सूचना नहीं मिली। इधर अंबेडकर इंटरनेशनल टर्मिनल में दिल्ली-काठमांडू बस में गए यात्रियों के परिजनों के फोन खटकने लगे कि बस सुरक्षित पहुंची या नहीं।

इस बीच डीटीसी संपर्क करती रही, लेकिन कहीं से कोई सूचना नहीं मिली। हारकर भारत सरकार को जानकारी दी गयी। इसके बाद रात आठ बजे सूचना मिली कि बस सुरक्षित पहुंच गयी है।

इसी दौरान बताया कि नेपाल सरकार सड़क मार्ग प्रभावित होने के चलते नेपाल से भारत आने वाली नेपाल की काठमांडू बस सेवा, जोकि शनिवार को एक बजे के करीब चलनी थी, उसे रोक दिया है। यदि सड़क मार्ग ठीक रहा तो वह रविवार को चलेगी।

बंदरों की कलाबाजी भी थमी रही

भूकंप के झटके से न केवल इंसान बल्कि जानवर भी डरते हैं। शनिवार को भूकंप के झटके के कारण अचानक सड़कों से पशु-पक्षी गायब दिखे।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के रिज एरिया में जहां सड़कों पर वाहनों की आवाजाही के बाद भी सैकड़ों की संख्या में बंदर घूमते दिखाई देते हैं। वहां रोजाना लोग बंदरों को केला खिलाने भी पहुंचते है।

बंदर पेड़ों पर भी जबरदस्त उछल-कूद करते हैं। लेकिन शनिवार को बंदरों की कलाबाजी देखने को नहीं मिली। वह शनिवार को दुबके रहे। दिल्ली के चिड़िया घर में भी शांति का माहौल था। यहां भी पशु-पक्षी अपने बाड़े में ही ज्यादातर समय तक रहे।

कहा जाता है कि जानवरों को सबसे पहले प्राकृतिक आपदा का आभास हो जाता है। इसकी मिसाल शनिवार को देखने को भी मिली। भूकंप के पहले पूरा वातावरण शांत हो गया था।

नेपाल जाने वाली सभी फ्लाइटें निरस्त

गली-मुहल्लों में दिखने वाले कुत्ते नदारद हो गए थे। दिल्ली में जगह-जगह लोग कबूतरों को दाना डालते हैं। सैकड़ों की संख्या में हर समय पक्षी मौजूद रहते हैं। लेकिन कई घंटों तक पक्षी दाना चुगते नहीं दिखे।

भूकंप के कारण दिल्ली-नेपाल की फ्लाइट सेवा शनिवार को प्रभावित हुई। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, इंडिगो की एक फ्लाइट काठमांडू पहुंचकर वापस दिल्ली एयरपोर्ट आ गई।

इसी तरह सऊदी अरबियन एयरलाइंस काठमांडू एयरपोर्ट स्टेशन से डाइवर्ट हुई और दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुई। बाद में काठमांडू जाने वाली दो फ्लाइट निरस्त कर दी गई। इसमें एक एयर इंडिया व एक जेट की फ्लाइट शामिल हैं।

रविवार को भी ज्यादातर फ्लाइट निरस्त रहने की ही संभावना है। अब काठमांडू एयरपोर्ट के मरम्मत का काम पूरा होने तक विमान का संचालन बंद रहेगा।
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पीड़ितों के लिए भाजपा ने दिए 5 लाख

प्रदेश भाजपा कार्यालय में भूकंप में मारे गए लोगों के लिए एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया। इस दौरान जंतर मंतर पर मृत किसान गजेंद्र सिंह को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

भाजपा नेताओं ने भूकंप पीड़ितों को राहत कार्य में सहयोग देने का संकल्प लिया। साथ ही दो मिनट का मौन भी रखा गया। प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि यह एक दुखद क्षण है।

इस आपदा की घड़ी में नेपालवासियों व प्रभावित देशवासियों के साथ सभी खड़े हैं। उन्होंने पार्टी की ओर से 5 लाख रुपये प्रधानमंत्री राहतकोष में भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए देने की घोषणा की। साथ ही 5 ट्रक चावल व दाल तुरंत सहायता के लिए भेजी।
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