करीब एक महीने जांच के बाद अपराध शाखा ने पुलकित को साहिबाबाद स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में पता चला कि पुलकित महाराज खुद को कभी प्रधानमंत्री का आध्यात्मिक गुरु बताकर तो कभी लेटरहेड भेजकर सरकारी सुविधाएं लेता था। कई राज्यों मेें तो वह विशेष अतिथि बन गया था। जांच में पता चला कि इसकी बहन पारुल भी इसके साथ रहती थी। वह मंत्रालय के फर्जी लेटरहेड पर पुलकित की सचिव बनी हुई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलकित महाराज दिलशाद गार्डन इलाके में आलिंगन वेलफेयर सोसाइटी चलाता था। साथ में वह अपना एक आध्यात्मिक सेंटर भी चलाता था। पुलिस ने इसके सेंटर पर दबिश दी और काफी कागजात व लेटरहेड बरामद किए हैं।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कैसे वह अलग-अलग मंत्रालयों के फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। ऐसा तो नहीं है कि मंत्रालयों के अधिकारियों से इसकी सांठगांठ थी। पुलिस उसकी बहन की भूमिका की भी छानबीन कर रही है।