गर्मियों की छुट्टियां पडने वाली हैं। लोगों ने आउटिंग की प्लानिंग शुरू कर दी है। टूर एंड ट्रेवल्स एजेंसियों में बुकिंग का सिलसिला तेज हो गया है। इस बार लोग कश्मीर की वादियों पर नहीं बल्कि दक्षिण भारत की खूबसूरती पर ज्यादा आकर्षित दिख रहे हैं।
बढ़ती आतंकी हिंसक घटनाओं ने जम्मू कश्मीर के पर्यटन उद्योग पर जबदस्त मार की है। इसकी वजह से देश-विदेश के पर्यटकों का कश्मीर की वादियों से मोह भंग होता नजर आ रहा है। देश-विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद के रूप में शिमला और कुल्लू मनाली उभरकर आ रहे हैं।
इसके साथ ही दक्षिण भारत के पर्यटन स्थलों की सैर के लिए भी बुकिंग का सिलसिला इन दिनों तेजी से चल रहा है। शहर की पर्यटन एजेंसियों के मुताबिक अब तक आठ से दस हजार बुकिंग का अनुमान लगाया जा रहा है, जिसमें 50 फीसदी लोगों ने गर्मियों की छुट्टियों को हिमाचल में और 30 फीसदी ने दक्षिण भारत के पर्यटन स्थलों पर मनाने का रुझान दिखाया है।
जम्मू-कश्मीर के हालात की पूरी जानकारी लेने के बाद ही पर्यटक वहां जाने का प्लान बना रहे हैं। कश्मीर की महज पांच से सात फीसदी बुकिंग ही आई हैं। इसके अलावा नैनीताल, धर्मशाला और ऊटी के लिए भी पर्यटकों का खासा रुझान है।
कश्मीर के पैकेज में गिरावट
एक अनुमान के मुताबिक दस में करीब दो लोग ही कश्मीर की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। पर्यटकों का रुझान घटता देख टूर पैकेज का रेट भी नीचे आ गया है। पहले के मुकाबले इन दिनों अच्छीखासी गिरावट दर्ज की गई है। होटल में साइट सीन, ठहरने का खर्च मिलाकर पहले 10 से 15 हजार रुपये का जो पैकेज था वो अब महज कई टूर एंड ट्रैवल्स कंपनियों ने दरें 20 फीसदी तक गिरा दी हैं।
असुरक्षा के कारण विदेशी पर्यटकों का मोहभंग
फ्रांस, रूस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया से जम्मू कश्मीर आने वाले विदेशी पर्यटकों की बुकिंग में कमी देखने को मिली है। नोटबंदी के बाद कश्मीर के बिगड़ते हालात के कारण विदेशी पर्यटकों ने विकल्प के रूप में दक्षिण भारत की प्राकृतिक जगहों को पसंद कर रहे हैं। एमिकेल इंडिया टूर एंड ट्रावेल्स के शेखर ने बताया कि कंपनी द्वारा विदेशी पर्यटकों को सुविधा दी जाती है, लेकिन समर सीजन में कोई खास रेस्पांस नहीं मिल पाया है। कश्मीर के हालातों के कारण काफी नुकसान हो रहा है।
पर्यटकों का बदला मन, बदल दिया डेस्टिनेशन
रोवर हॉलिड्ेस की सेल्स मैनेजर साक्षी ने बताया कि कश्मीर के बजाय शिमला और मनाली की तरफ पर्यटक आकर्षित हो रहे हैं। बिगड़ते हालातों के कारण पर्यटकों ने डेस्टिनेशन को बदल दिया है। हर डेस्टिनेशन के हिसाब से अलग अलग पैकेज उपलब्ध कराए जाते हैं, जो सात हजार से शुरू होकर 35 और 40 हजार तक हैं।