चांदनी चौक से कांग्रेस प्रत्याशी कपिल सिब्बल जामिया नगर से उठाए गए युवकों के समर्थन में खड़े हो गए हैं। सिब्बल ने कहा है कि पुलिस बिना पड़ताल के युवकों को आतंकी होने केशक में उठा लेती है, इससे कई बार बेकसूर युवा और उनके परिवार का कीमती समय खराब हो जाता है।
बिना जांच पड़ताल के युवकों को उठाने वाले पुलिस अधिकारियों की जांच होनी चाहिए। सिब्बल ने अपने निवास पर पत्रकार वार्ता में कहा कि आतंकी के शक में युवकों को उठा लिया जाता है और इन्हें जमानत नहीं मिलती। ऐसे मामलों में पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
अगर पुख्ता सबूत के बिना बेवजह युवकों को उठाया जाता है और जांच में यह बात साबित होती है तो मैंने अपने बेटों से कहा है कि वह पीड़ित युवकों का केस लड़ें।
उर्दू में छपवाई अचीवमेंट बुक
सिब्बल ने जामिया नगर से कथित आईएम आतंकी से तार जुड़ने का हवाला देकर युवकों को उठाए जाने की आलोचना की है। चुनावी सीजन में इसे सिब्बल का मुस्लिम कार्ड खेलना माना जा रहा है।
सिब्बल ने भाजपा के घोषित पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा है कि गलत तरह की ब्रांडिंग की जा रही है। वहीं योग शिविर में एक भाजपा नेता के युवकों के सीने पर चढ़कर जाने की भी आलोचना की।
उल्लेखनीय है कि चांदनी चौक में मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है। इसे देखते हुए सिब्बल ने अचीवमेंट पुस्तक भी उर्दू में छपवाई है। सोमवार को कुछ मुस्लिम नेता सिब्बल की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कांग्रेस में शामिल हुए।
शिंदे ने कहा 'डॉन्ट वरी मोदी सुरक्षित हैं
हालांकि, गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की जान कोई खतरा नहीं है। उनकी सुरक्षा को पहले की तुलना में बढ़ा दी गई है। नरेंद्र मोदी की जान को खतरे से जुड़े पूछे गए एक सवाल में शिंदे ने कहा कि भाजपा नेताओं का एक दल उनसे मिलने आया था।
लेकिन उन्हें इस बात का भरोसा दिलाया कि उनकी जान को कोई खतरा है। पटना रैली में विस्फोट के बाद उन्होंने खुद की मोदी का सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया था। इस लिहाज से देखें को मोदी की जान को कोई खतरा नहीं है।
शिंदे ने कहा कि सरकार ने सभी पार्टियों के उम्मीदवारों की सुरक्षा का पूरा बंदोबस्त किया है, चाहे वे भाजपा के हों या सोशलिस्ट पार्टी के या फिर कोई और। ऐसे में चिंतित होने की जरूरत नहीं है।