‘भगवान करे ऐसे चुनाव बार-बार आए। ट्राई-साइकिल पर एक नेता के प्रचार के बदले अच्छा मेहनताना मिलने लगा। दिन में 11 से शाम 5 बजे तक इलाके में कपिल सिब्बल की प्रचार सामग्री लगाकर घूमने से रोजाना 450 रुपये मिलेंगे।’
यह कहना है दरियागंज फायर स्टेशन के पास ट्राई-साइकिल लेकर दस के ग्रुप में खड़े शारीरिक रूप से अशक्त जयराम कुमार का।
जयराम कहते हैं कि लोधी रोड साईं मंदिर के पास खड़े होने से खाना मिल जाता था। यहां काम करने से मेहनताना का सुकून मिलेगा।
नाम घोषित होने से पहले ही शुरू करा दिया प्रचार
दिल्ली की सात संसदीय सीटों के लिए भाजपा या कांग्रेस ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं लेकिन संभावित प्रत्याशी प्रचार में जुट गए हैं।
चांदनी चौक से सांसद कपिल सिब्बल कॉमर्शियल साइट के अलावा ट्राई साइकिल और ई-रिक्शा पर खुलकर प्रचार कर रहे हैं। पंजाब के मनजीत सिंह भी ट्राइ-साइकिल पर प्रचार के साथ घूम रहे हैं।
वह कहते हैं कि हर चुनाव में प्रचार करते हैं। विधानसभा में मतदाताओं को जागरूक करने वाली प्रचार सामग्री लगाई थी। अब कपिल सिब्बल का प्रचार कर रहे हैं।
तो अब दिखेगी सिब्बल रिक्शा रैली
आपका-अपना कपिल सिब्बल और कपिल सिब्बल इन लिखे प्रचार को ट्राई-साइकिल में लगाकर घूमने वाले रमेश अम्ब्रोल साईं मंदिर के पास मांगकर गुजारा करते हैं।
परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। एक मार्च से प्रचार कर रहे हैं। बताते हैं कि राजकुमार नाम के व्यक्ति ने काम दिया है। अभी तक सिर्फ एक दिन का पैसा मिला है और कहा गया है कि रोजाना 450 रुपये मिलेंगे।
भाजपा और कांग्रेस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, लेकिन उत्तर पूर्वी दिल्ली में राष्ट्रवादी शिवसेना से भाजपा में शामिल हुए जयभगवान अग्रवाल तो पूर्वी दिल्ली में महेश गिरी धुआंधार प्रचार में जुटे हैं।
ये तो एक कदम और आगे हैं!
बृहस्पतिवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली में जयभगवान अग्रवाल के पंफलेट अखबारों में डालवाए गए हैं। इसी तरह से नई दिल्ली में अजय माकन और उत्तर पूर्वी दिल्ली में जेपी अग्रवाल प्रचार में जुटे हैं।
दरअसल, आचार संहिता बुधवार से लागू हो गई है। ऐसे में नामांकन दाखिल करने से पहले प्रत्याशी प्रचार करके खर्च बचाना चाहते हैं।
दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यलय के चीफ नोडल ऑफिसर अंकुश गर्ग का कहना है कि जब तक नामांकन नहीं होता, तब तक कॉमर्शियल प्रचार पार्टी के खर्चे में जुड़ेगा। हालांकि इस तरह के प्रचार की जानकारी पार्टी को देनी चाहिए।