खून से खत लिखने के बारे में कपिल मिश्रा ने स्पष्टीकरण किया है कि अगर उनके खून से इलाके की 20 लाख जनता की जान की रक्षा होती है, तो वह ऐसा करने को तैयार हैं।
कपिल मिश्रा की मांग है कि बृहस्पतिवार को एनजीटी में दिल्ली सरकार, डीडीए व ईडीएमसी के वकीलों ने लैंडफिल का विरोध करें। साथ ही चेतावनी भी दी है कि ऐसा न होने की हालत में वह शनिवार 5 मई से आमरण अनशन पर बैठेंगे।
दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी के मौजूदा रूख पर कपिल मिश्रा ने सवालिया निशान लगाते हुये कहा कि ऐसा नहीं चलेगा कि सरकार इसका सपोर्ट करे और पार्टी विरोध में हो।
कपिल मिश्रा ने कहा कि अगर दिलीप पांडेय या आप के किसी नेता को लगता है कि दिल्ली सरकार उनकी बात नहीं सुनती तो वो भी उनके साथ अनशन पर बैठ सकते हैं।