दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मंत्री सतेंद्र जैन से दो करोड़ रुपये लेने का गंभीर आरोप लगाने के बाद मंत्री पद से हटाए गए आप विधायक कपिल मिश्रा सोमवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) पहुंचे। हाथ में पीला लिफाफा लेकर पहुंचे कपिल ने मीडिया से कहा कि इसी में जलबोर्ड टैंकर घोटाले से जुड़े दस्तावेज है, जिसमें घोटाले की जांच को रूकवाने के लिए केजरीवाल के खिलाफ शिकायतों का जिक्र है।
कपिल ने आरोपों को झूठा कहने पर सतेंद्र जैन और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ खुद का भी लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने को कहा।
करीब 45 मिनट तक एसीबी अधिकारियों से मिलकर बाहर निकले कपिल मिश्रा ने बताया कि टैंकर घोटाले से जुड़ी खास जानकारी एसीबी अधिकारियों को दे दी है। इससे स्पष्ट होता है कि किस तरह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके दो सहयोगी आशीष तलवार और विभव कुमार ने जांच प्रभावित कर और अभियुक्त शीला दीक्षित को बचाने की कोशिश की। ये सारी जानकारी मैंने एसीबी को दे दी है।
उन्होंने बताया कि एसीबी इस मामले की जांच करके कुछ दिनों में मुझे दोबारा बुलाएगी। मैंने इस मामले में शिकायकर्ता और गवाह बनकर एसीबी को सभी जानकारी देने का भरोसा दिया है। कपिल ने कहा कि अब मैं इस मामले में शिकायतकर्ता के साथ गवाह भी हूं।