दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को कार्यवाही के दौरान धृतराष्ट्र कह दिया। मिश्रा ने सिमरन बेदी के साथ मारपीट व दुर्व्यवहार के मामले में कहा कि अध्यक्ष जी मैंने पत्र लिखा है, उसका जवाब दीजिए। कुछ फैसला कीजिये।
धृतराष्ट्र की तरह क्यों बैठे हैं। यह सब कहते हुए सदन की औसंदी (वेल) से होते हुए विस सचिव की तरफ बढ़ रहे कपिल मिश्रा को महज 10 सेकेंड में ही बाहर निकालने का आदेश विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शल को दे दिया। इससे पहले शुक्रवार की बैठक में 40 सेकेंड में निकालने का आदेश दे दिया था।
पूर्व मंत्री के हाथ जोड़कर महिला के लिए इंसाफ की गुहार करते आगे बढ़ रहे कपिल मिश्रा को लेकर अध्यक्ष ने कहा मार्शल इसे निकालकर बाहर करें। इस बीच कपिल मिश्रा ने कहा, आप इंसाफ क्यों नहीं देते।
मामले की शुरुआत विधायक ऋतुराज गोबिंद की तरफ से सोशल मीडिया में सभापति को डायर और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कायर कहने का मामला उठाने के बाद हुई।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा मुझे बड़ा अफसोस हो रहा है। बाहर मीडिया में चाहे जिस स्तर की भाषा का प्रयोग करना हो करें, लेकिन सदन, सदन की गरिमा को नहीं बनाकर रखा जा रहा। मुझे मजबूर कर रहे हैं कि मैं कोई कदम उठाऊं। मैं ज्ञापन देखूंगा कि क्या कर सकता हूं, सलाह करुंगा।
अध्यक्ष ने कहा जो कुछ भी कपिल ने यहां बोला है उसे रिकार्ड में रखा जाए।सदन से निकाले जाने के बाद कपिल मिश्रा ने बाहर कहा, महिला सिमरन ने पुलिस में शिकायत की है।
अध्यक्ष से अनुमति, सीसीटीवी फुटेल मांगी जा रही है। इसकी जांच तो होनी चाहिए। दिल्ली विधानसभा में विधायक बंद करेंगे, गाली देंगे तो बाकी लोगों का क्या होगा? पुलिस की जांच की अनुमति दी जाए।
पूर्व मंत्री ने कहा, मुझे सदन में बोलने से रोक दिया जा रहा है। आज मैं हाथ जोड़कर सभापति महोदय के पास गया और कहा आप धृतराष्ट्र की तरह व्यवहार करना बंद कर दीजिये। आपको आंख खोलकर निष्पक्ष बात करनी होगी।
एक महिला को तीन विधायकों ने बंधक बनाकर रखा, उनकी जांच होनी जरूरी है। मैंने सभापति को डायर व धृतराष्ट्र भी कहा है। मैं फिर कहूंगा कि सभापति डायर और मुख्यमंत्री कायर हैं। महिला आयोग ने इस मामले में जांच के लिए बुलाया है। आयोग जो आदेश देगा उस पर आगे बढ़ेंगे।