दिल्ली विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद भाजपा के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। 27 साल बाद दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी है। रामलीला मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शालीमार बाग विधानसभा की विधायक रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इनके साथ ही दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पार्टी नेता प्रवेश वर्मा और आशीष सूद को भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलवाया। इनके अलावा भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। सिरसा ने पंजाबी में शपथ लिया। भाजपा विधायक रविन्द्र इंद्राज सिंह, कपिल मिश्रा और पंकज कुमार सिंह ने भी दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली।कपिल मिश्रा ने करावल नगर से दूसरी बार जीत हासिल की है। अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चाओं में रहने वाले कपिल मिश्रा भाजपा से पहले आम आदमी पार्टी में भी रह चुके हैं।
कपिल मिश्रा का जन्म पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में 13 नवंबर 1980 को हुआ था। उनकी मां अन्नपूर्णा मिश्रा भाजपा नेता रही हैं। वे पूर्वी दिल्ली नगर निगम की मेयर भी रहीं। भाजपा में कपिल मिश्रा को हिंदुत्व के बड़े चेहरे के रूप में देखा जाता है। कपिल मिश्रा ने भाजपा के टिकट से करावल नगर विधानसभा से आम आदमी पार्टी के मनोज कुमार त्यागी को 23,355 वोटों से हराया।
आम आदमी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे हैं कपिल मिश्रा
अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चाओं में रहने वाले कपिल मिश्रा को 2015 में आम आदमी पार्टी की जीत के बाद अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली सरकार में जल और पर्यटन मंत्री बनाया गया था। लेकिन केजरीवाल और सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद उन्हें मंत्रालय हटा दिया गया था।
आप से बगावत के बाद भाजपा में पहुंचे
कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल पर 2 करोड़ रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। जिसकी शिकायत उन्होंने एसीबी में भी शिकायत की थी। लेकिन मिश्रा इसे साबित करने में असफल रहे। जिसके बाद कपिल मिश्रा को आम आदमी पार्टी ने पहले मंत्री पद से हटाया और उसके बाद पार्टी से भी बाहर कर दिया। 2019 में कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी को छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था।