दिल्ली विधानसभा से अपनी सदस्यता रद्द किए जाने के फैसले को चुनौती देने के लिए आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
मालूम हो कि लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में अभियान चलाने व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बुलाई गई भाजपा की एक रैली में शामिल होने पर आप विधायक कपिल मिश्रा के खिलाफ विधायक सौरभ भारद्वाज ने शिकायत की थी। बीते दिनों उनकी याचिका पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने कपिल मिश्रा की सदस्यता रद्द करने के आदेश दिए थे।
दलबदल कानून के तहत कपिल मिश्रा को अयोग्य ठहराते हुए उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी। वहीं कपिल मिश्रा ने विधानसभा अध्यक्ष पर प्रक्रिया पूरी न करने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील की बात कही थी।
दिल्ली विधानसभा की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि करावल नगर से विधायक कपिल मिश्रा को संविधान की 10वीं अनुसूची (दलबदल कानून) के पैराग्राफ 2(1)(ए) के तहत अयोग्य घोषित किया जाता है। कपिल मिश्रा का निष्कासन 27 जनवरी 2019 से प्रभावी रहेगा। अब करावल नगर सीट रिक्त मानी जाएगी।