कपिल का कहना है कि हाईकोर्ट को केजरीवाल को सदन में उपस्थित होने का निर्देश देना चाहिए। इसके साथ ही वो ये भी चाहते हैं कि कोर्ट एलजी और विधानसभा स्पीकर को भी ये हिदायत दे कि वो केजरीवाल की सदन में उपस्थिति सुनिश्चित करें।
कपिल ने कहा कि सीएम की सदन में हाजिरी 10% से भी कम है और उन्होंने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने और सीलिंग के मुद्दे पर बुलाया गया विशेष सत्र पूरी तरह मिस कर दिया। वह सदन में केवल 2 घंटे के लिए थे। यह दिल्ली के उन लोगों का अपमान है जिन्होंने केजरीवाल को वोट दिया है। अगर वो विधानसभा में नहीं आते हैं तो उनकी सैलरी काटी जाए।