दक्षिणी सूडान में 20 दिसंबर को शहीद हुए सूबेदार कंवरपाल सिंह राघव को उनके पैतृक गांव भोंडसी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
सेना तथा हरियाणा पुलिस के जवानों ने शहीद कंवरपाल को शस्त्र झुकाकर सलामी दी और सम्मान स्वरूप हवा में फायर किए।
अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने ‘जब तक सूरज चांद रहेगा कंवरपाल तेरा नाम रहेगा’, ‘शहीद कंवरपाल अमर रहे’ के नारे लगाए। सरकार की ओर से अंतिम यात्रा में शामिल हुए मुख्य संसदीय सचिव चौधरी धर्मबीर सिंह ने शहीद के परिवार को 15 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की।
इनमें से पांच लाख रुपये से शहीद स्मारक बनवाया जाएगा। गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद राव इंद्रजीत सिंह तथा बादशाहपुर के विधायक राव धर्मपाल, जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त उपायुक्त पुष्पेंद्र सिंह चौहान, सोहना के एसडीएम विवेक कालिया और तहसीलदार बलराज सिंह डांगी ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।
उनके इकलौते बेटे तरुण उर्फ कुणाल ने उन्हें मुखाग्नि दी। सुबह करीब 9:40 बजे उनका पार्थिव शरीर दिल्ली के रास्ते भोंडसी लाया गया। शहीद के पार्थिव शरीर के साथ सूडान से मेजर रजनीश त्यागी, मेजर दिनेश पुनिया तथा लेफ्टिनेंट केवी रमन आए। भोंडसी गांव में हर तरफ मातम पसर गया।
गौरतलब है कि 46 वर्षीय शहीद सूबेदार कंवरपाल सिंह सूडान के अकोबो कैंप में शुक्रवार 20 दिसंबर की रात को आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। वे आठ राज राइफल्स आर्मी मेडिकल कोर के जवान थे। सूबेदार कंवरपाल अगस्त, 2012 में सूडान में पोस्टिंग होकर गए थे और 10 जनवरी को वहां से वापसी थी।
दक्षिणी सूडान में पोस्टिंग होने से पहले उनकी मिल्ट्री अस्पताल मेरठ में लेबोरेट्री में पोस्टिंग थी। वे राजपुताना राइफल्स के साथ अटैच थे तथा संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ सूडान में अकोबो पोस्ट पर उनकी तैनाती थी। अकोबो पोस्ट पर आतंकवादियों ने हमला किया, जिसमें दो जवान शहीद हो गए।
इनमें भोंडसी के सूबेदार कंवरपाल व दादरी के सूबेदार धर्मेश सांगवान हैं। इनके अलावा एक जवान गंभीर रूप से घायल भी हुआ। कांग्रेस प्रवक्ता जितेंद्र भारद्वाज, इंसाफ मंच के प्रवक्ता जीएल शर्मा, जिला सैनिक बोर्ड के सचिव विंग कमांडर केके यादव, सूबेदार बिजेंद्र ठाकरान, सूबेदार होशियार सिंह और स्टेशन हेडक्वार्टर गुड़गांव से कर्नल धर्मपाल सिंह राघव सहित काफी संख्या में ग्रामीण शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।