मुरादाबाद के कांठ में हुए बवाल ने सियासी रंग ले लिया है। शनिवार को शांति मार्च लेकर कांठ जा रहे कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकने पर यूपी गेट पर बवाल हो गया। कांग्रेसी पुलिस से भिड़ गए।
हाईवे पर बैठकर कांग्रेसियों ने एनएच-24 जाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस और कांग्रेसियों के बीच गर्मागर्म बहस होती रही फिर भी नेता-कार्यकर्ता नहीं माने। प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पुलिस ने कांग्रेसी नेता मधुसूदन मिस्त्री, नसीब पठान, निर्मल खत्री, प्रदीप माथुर और नगमा समेत 181 कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें पुलिस लाइन लाया गया, जहां से शाम सवा चार बजे मुचलका भरने के बाद सभी को छोड़कर दिल्ली रवाना किया गया।
सुबह करीब साढ़े 10 बजे से यूपी गेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगने लगा। यूपी गेट पर सुबह से ही एसपी सिटी शिवहरि मीणा, एडीएम सिटी रक्षपाल सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट आशुतोष कुमार, सीओ इंदिरापुरम अतुल कुमार, सीओ बार्डर अरविंद यादव, कमलेश बहादुर समेत पुलिस बल तैनात था।
दिल्ली से गाजियाबाद आ रही गाड़ियों को चेकिंग के बाद गाजियाबाद सीमा में प्रवेश दिया जा रहा था। सुबह 11 बजे के आसपास कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री, नसीब पठान, प्रदीप माथुर, निर्मल खत्री और नगमा सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ मुरादाबाद स्थित कांठ में शांति मार्च निकालने के यूपी गेट पहुंचे।
पुलिस ने बैरिकेड़िंग लगाकर उन्हें आगे जाने से रोका, जिस पर कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड़ पर चढ़कर आगे बढ़ने लगे। पुलिस बल ने रोका तो सभी कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठ गए। इस दौरान एनएच-24 पर लंबा जाम लग गया। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में धक्कामुक्की की भी नौबत आ गई।
कांग्रेसी नेता निर्मल खत्री नेताओं को कांठ जाने की मांग लेकर कार में बैठ गए लेकिन पुलिस ने उनकी कार रोक ली। इसके बाद में पुलिस ने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। बस में बैठाकर इन्हें गाजियाबाद पुलिस लाइन भेज दिया गया।
यहां भी कांग्रेसियों ने हंगामा किया। शाम करीब सवा चार बजे सिटी मजिस्ट्रेट आशुतोष कुमार ने सभी का मुचलका भरवाने के बाद जाने दिया। इन्हें दिल्ली के लिए रवाना किया गया।