कंसाली में हुए दोहरे हत्याकांड की जांच एडीजीपी मोहम्मद अकील की निगरानी में हरियाणा अपराध शाखा करेगी। ये हलफनामा डीजीपी ने उच्च न्यायालय में दिया है। गौरतलब है कि 11 अप्रैल को दो बच्चों के शव घर में बने वाटर टेंक में मिले थे। परिवारीजनों का आरोप है कि उनकी हत्या की गई थी।
मामले की शुरूआत कथित प्रेम प्रसंग को लेकर हुई। 9 जनवरी 2015 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में युवक-युवती ने शादी कर ली थी। 14 जनवरी 2015 को उच्च न्यायालय ने मेवात के एसपी को जोड़े की सुरक्षा करने के आदेश दिए।
इस मामले को लेकर कई पंचायतें भी हुईं। पिछले दिनों गांव के एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घर पर धावा बोल कर न केवल मारपीट की, बल्कि घर में आग भी लगा दी थी। इस मामले में पुलिस ने 163 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। जिनमें से 31 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। किंतु 132 लोग अभी तक हाजिर नहीं हुए।
तत्कालीन एसपी बी सतीश बालान ने मामले को गभीरता से लेते हुए गांव कंसाली में अस्थाई चौकी बना दी थी। उनके तबादले के बाद एक पक्ष ने बीते महीने दूसरे पक्षा के ट्यूवबेल पर आग लगा दी।
इसके बाद 25 फरवरी 2016 को प्रेम विवाह करने वाली लड़की अपने पिता पक्ष से मिलने घर पहुंच गई। आरोप है कि इसके बाद लड़की पिता पक्ष की ओर हो गई। उसे वापस लाने के लिए लड़के के पक्ष ने नगीना थाने में अर्जी भी दी।
कुछ दिन बाद 11 अप्रैल 2016 को रिजवाना के बहन-भाई अपने घर के वाटर टेंक में मृत मिले। दूसरे पक्ष पर हत्या का आरोप लगा और पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
इस बारे में लड़के के चाचा समसुद्दीन ने एसआईटी एवं हरियाणा अपराध शाखा से निष्पक्ष जांच कराने के लिए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। जिसमें पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। इस अपील पर हाईकोर्ट में डीजीपी ने हलफनामा दायर किया कि अब इसकी जांच हरियाणा अपराध शाखा करेगी।