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Delhi NCR News: कान्हा की अलमारी हुई बड़ी, जन्माष्टमी ने चमकाया छोटे कपड़ों का बड़ा कारोबार

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- 54 रूपये की पोशाक से 780 रूपये के डिजाइनर परिधान तक, सदर बाजार में कान्हा के श्रृंगार के लिए सज गया खास बाजार
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सनी सिंह
नई दिल्ली। कान्हा की पोशाक भले ही छोटी हो, लेकिन जन्माष्टमी पर उसके इर्द-गिर्द सजने वाला कारोबार बड़ा है। रंग-बिरंगी पोशाकें, चमकते मुकुट, नन्ही बांसुरी, सजावटी झूले और खूबसूरत आसन... 4 सितंबर को जन्माष्टमी से पहले दिल्ली के सदर बाजार में इन दिनों कुछ ऐसा ही नजारा है। दुकानों पर सजे ये छोटे-छोटे उत्पाद बता रहे हैं कि आस्था के साथ फैशन और बदलती पसंद ने भी त्योहारों के कारोबार को नया रंग दे दिया है।

सदर बाजार में कान्हा के लिए हर बजट साधारण पोशाक से लेकर डिजाइनर कलेक्शन तक विकल्प मौजूद हैं। सदर के दुकानदार रवि कांत के अनुसार, लड्डू गोपाल के कपड़े 54 रूपये से 780 रूपये तक उपलब्ध हैं। वहीं झूले 80 रूपये से 300 रूपये, बांसुरी 60 रूपये से 300 रूपये, आसन 60 रूपये से 130 रूपये और मुकुट 60 रूपये से 540 रूपये तक बिक रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग केवल लड्डू गोपाल की पोशाक खरीदते थे, लेकिन अब पूरा श्रृंगार करने का चलन बढ़ गया है। ग्राहक ड्रेस के साथ मुकुट, बांसुरी, आसन और झूला भी खरीद रहे हैं। जैसे-जैसे जन्माष्टमी नजदीक आएगी, खरीदारी और बढ़ेगी।
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त्योहार में अब कुछ ही दिन बाकी हैं और सदर बाजार में कारोबारियों की नजर आने वाले दिनों की बिक्री पर टिकी है। कान्हा के कपड़े आकार में भले छोटे हों, लेकिन जन्माष्टमी का यह बाजार साबित कर रहा है कि आस्था के साथ फैशन और बदलती उपभोक्ता पसंद मिल जाए तो ‘छोटे कपड़ों’ का कारोबार भी बड़ा हो जाता है।
हर साल जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का श्रृंगार करते हैं, लेकिन अब बच्चों की भी अलग पसंद होती है। वे इंटरनेट पर नए डिजाइन देखते हैं और उसी तरह की पोशाक व सजावट चाहते हैं। मुकुट और झूला भी खरीदा है।- किरण, ग्राहक

पहले घर में जो सामान होता था, उसी से पूजा कर लेते थे। अब बाजार में इतने डिजाइन और विकल्प हैं कि खरीदारी का तरीका बदल गया है। हर चीज अलग-अलग बजट में मिल रही है।-अमन, ग्राहक

जन्माष्टमी से पहले थोक और खुदरा दोनों तरह के ग्राहक आते हैं। छोटे दुकानदार भी यहां से सामान खरीदकर अपने क्षेत्रों में बेचते हैं। आखिरी दो-तीन दिनों में बिक्री सबसे ज्यादा बढ़ने की उम्मीद रहती है।-अनिल गुप्ता,
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कोरोबारी

सोशल मीडिया ने भी कान्हा के श्रृंगार को नया रूप दिया है। लड्डू गोपाल की सजावट के वीडियो देखकर लोग नए आइडिया अपना रहे हैं। घरों में अब केवल पूजा नहीं, बल्कि रंग और थीम पर सजावट की जा रही है।- नलिन श्रीवास्तव, कारोबारी
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