भूख हड़ताल पर बैठे जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की तबीयत बृहस्पतिवार को अचानक बिगड़ गई। बता दें कि कन्हैया बुधवार को भी करीब पांच बार बेहोश हुए थे, लेकिन छात्रों समेत कुलपति की भूख हड़ताल खत्म करने की अपील को ठुकरा दिया था।
बृहस्पतिवार को एक बार फिर कन्हैया की तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें हेल्थ सेंटर ले जाया गया। कन्हैया का बीपी 83/56 हो गया है जो सामान्य से काफी नीचे है। आज भी उन्हें कई बार उल्टियां भी हुईं।
इस बीच छात्रसंघ का आरोप है कि कुलपति ने भूख हड़ताल खत्म करने की अपील नहीं, बल्कि धमकी भरे अंदाज में पत्र लिखा है। कुलपति भूख हड़ताल को गैरकानूनी मानते हैं।
विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार को दिन भर हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। छात्रसंघ के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा के अस्पताल में भर्ती होने के तीसरे दिन यानी बुधवार को कन्हैया की तबीयत भी खराब हो गई।
डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती करने समेत भूख हड़ताल खत्म करने का आह्वान किया, जिसे कन्हैया ने ठुकरा दिया। उमर खालिद, अनिर्बान समेत अन्य छात्रों की हालत भी खराब हो गई है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की जांच कर रहे डॉक्टरों ने भूख हड़ताल जारी रहने के खतरों से विश्वविद्यालय प्रबंधन को भी अवगत करवा दिया है।
डाक्टरों की रिपोर्ट के चलते ही कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की, जिसे छात्रों ने ठुकरा दिया। कुलपति ने छात्रों को मिलने के लिए बुलाया, लेकिन पत्र में लिखे भूख हड़ताल गैरकानूनी शब्द के चलते हड़ताल कर रहे छात्र नाराज हो गए।