नई दिल्ली। बीकानेर हाउस की मुख्य गैलरी में आयोजित समकालीन कलाकार कैसांग पद्मा की एकल चित्रकला प्रदर्शनी गार्डियंस ऑफ द थ्रेशहोल्ड ने कला प्रेमियों को हिमालय की खामोशी, आध्यात्मिकता और प्रकृति के गहरे भावों से परिचित कराया। 5 से 9 जून तक इस प्रदर्शनी का आयोजन लूक्स आर्ट हब और एजेएस नई दिल्ली कर रही है। लद्दाख और नई दिल्ली के बीच अपनी रचनात्मक यात्रा तय करने वाली कैसांग पद्मा ने बड़े आकार की एक्रिलिक पेंटिंग्स के जरिए हिमालयी पहाड़ी दर्रों के मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक पक्ष को अभिव्यक्त किया। उनकी कृतियों में लद्दाख के विशाल भू-दृश्य, एकांत, आत्मचिंतन और प्रकृति से मानवीय जुड़ाव प्रमुख रूप से उभरकर सामने आए। चित्रों में दिखाई देने वाली चट्टानें, पुल, पहाड़ी रास्ते और स्थापत्य संरचनाएं केवल दृश्य तत्व नहीं, बल्कि समय, स्मृति और मानवीय अनुभवों के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत की गईं। संवाद