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#कबतकनिर्भया: छात्राओं ने की दोषियों को तत्काल फांसी देने की मांग

Wed, 04 Dec 2019 05:55 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा

सार

  • कहा, बार-बार कानून में बदलाव नहीं, कानून के प्रावधानों पर हो जल्द अमल
  • सजा संबंधी फैसले पर अमल न होने से ही निर्भया को अब तक नहीं मिला है इंसाफ
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Aparajita - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हैदराबाद में चिकित्सक से दुष्कर्म व हत्या कर जलाने के मामले को लेकर गुरुग्राम में भी छात्राओं में रोष है। छात्राओं का कहना है कि बढ़ते दुष्कर्म के मामलों को लेकर बार-बार कानून में संशोधन की मांग उठती है। वर्तमान में कानून के प्रावधान दोषियों को कठोर सजा देने में समक्ष है लेकिन उस पर सख्ती से अमल करने की जरूरत है।

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दोषी कानून की खामियों का फायदा उठाकर सजा से बच रहे है यही कारण है कि सात वर्ष पहले निर्भया से साथ दरिंदगी करने वाले दोषियों को मिली फांसी की सजा पर अमल नहीं हो पाया।

बुधवार को सेक्टर.9 स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने हैदराबाद की महिला चिकित्सक के साथ हुई दरिंदगी पर रोष प्रकट किया। इन छात्राओं ने महिला चिकित्सक के साथ हुई हैवानियत के विरोध में अपनी भावनाओं को व्यक्त किया।  
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अपराधी किसी न किसी तरह से सख्त सजा से बचने में कामयाब हो जाते हैं और यही वजह है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।छात्रा शीतल ने देश की व्यवस्था पर सवाले खड़े करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मौत की सजा पर मुहर लगने के बाद भी निर्भया मामले के दोषियों को आज तक फांसी नहीं हो सकी है।

यह स्थिति तब है जब इस मामले में पूरा देश सड़कों पर आ गया था। उनका कहना है दोषी किसी न किसी तर्क पर याचिका दायर कर सजा से बच रहे है। ऐसा प्रावधान किया जाना चाहिए कि दोषी एक तय समय सीमा के अंदर ही अपील कर सके। यदि वह ऐसा नहीं करता तो उससे अपील का अधिकार छीन लेना चाहिए तभी सजा संबंधी फैसले पर जल्द अमल होगा।

छात्रा कोमल ने कहा जब भी दुष्कर्म का कोई बड़ा मामला सामने आता है तभी कानून में संशोधन की मांग उठने लगती है। निर्भय मामले के बाद कानून में संशोधन किया गया और इस काननू के प्रावधान दोषियों को सजा देने के लिए पर्याप्त है। अब समय आ गया है कि इन प्रावधानों पर सख्त से अमल किया जाए। यदि निर्भय के दोषियों को फांसी मिल चुकी होती तो अपराधियों को संदेश मिलता कि अब यदि वे भी ऐसा अपराध करेंगे तो बच नहीं सकते।
 

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छात्राओं के बयान :

निर्भया मामले में सात साल बाद भी दोषियों को सजा नहीं मिल पाई है। यह तथ्य अपराधियों के दिमाग से सजा के खौफ को समाप्त कर देता है। सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि न्यायपालिका के फैसले पर जल्द अमल हो। हैदराबाद मामले के दोषियों को तत्काल फांसी होनी चाहिए।
- सोनम यादव, छात्रा
 
जब भी ऐसे मामले होते हैं, लोग सांकेतिक विरोध जताना शुरू कर देते हैं। प्रोफाइल पिक्चर, स्टेटस लगाने से दुष्कर्मियों के हौसले पस्त नहीं होंगे। कानून में बार-बार संशोधन से भी अपराधियों में डर पैदा नहीं होगा। दोषियों को जल्द सजा मिले तभी उनमें डर बनेगा।
- अक्षमा, छात्रा
 
दुष्कर्म के मामलों में मात्र सजा से कुछ नहीं बदलने वाला। बदलनी होगी ऐसे लोगों की मानसिकता। हर व्यक्ति लड़कियों को दोष दे देता है। इस प्रकार की मानसिकता वाले लोगों के अलावा समाज में जागरूकता लानी होगी। सभी को यह समझना होगा कि महिलाओं को भी समान अधिकार है।
- अमानत, छात्रा
 
कैंडल मार्च से कुछ नहीं होने वाला है। अपराधी कानून में खामियों का फायदा उठाते है ऐसे में कानून में जो खामी है, उसको दूर करने की दिशा में सरकार को कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा दुष्कर्म के आरोपियों के साथ हमदर्दी या उनके समर्थन में बयान जारी करने वालों पर भी मुकदमा चलाने का प्रावधान किया जाना चाहिए ताकि अपराधियों को किसी भी प्रकार से संरक्षण न मिले।
- पूजा, छात्रा
  
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