खुद को आईबी का अधिकारी बताकर बुराड़ी इलाके में आईबी के अधिकारी को ही ठगने वाले आरोपी रवि कुमार को दिल्ली पुलिस ने मथुरा के देवासरस गांव से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पत्नी की बीमारी की बात कर जूनियर अधिकारी से रुपयों की मांग की तो पीड़ित ने आरोपी के पेटीएम खाते में 58 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ दिनों बाद ठगी का पता चला तो पुलिस से शिकायत की।
दिल्ली के फर्श बाजार थाने में भी रवि के खिलाफ ठगी की एक शिकायत दर्ज है। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल व सिम कार्ड बरामद हो गया। पुलिस के अनुसार आरोपी 50 से अधिक ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस को रवि के दूसरे साथी की तलाश है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि बुराड़ी इलाके में रहने वाले आईबी के अधिकारी राज के फेसबुक मैसेंजर पर 30 अप्रैल को आरोपी ने सीनियर आईबी अधिकारी बन मैसेज कर 60 हजार रुपये की मांगे। आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब है, उसे फौरन पेटीएम से रुपये चाहिए। राज ने तुरंत मदद करते हुए अपने सीनियर द्वारा बताए गए पेटीएम नंबर में 58 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
वह सीनियर अधिकारी राज को मिले तो उसने उनकी पत्नी की तबीयत पूछी। सीनियर ने बताया कि उनकी पत्नी की तबीयत तो एकदम ठीक है और उन्होंने कोई रुपये नहीं मांगे। राज को सारा माजरा समझ आ गया। उसने 25 मई को मामले की शिकायत बुराड़ी थाने में की। पीड़ित ने जिस नंबर पर रुपये ट्रांसफर किए थे, उसकी पड़ताल करने पर उसकी फर्जी आईडी का पता चला। पुलिस टेक्नीकल सर्विलांस की जांच करती हुई आरोपी के गांव देवासरस, मथुरा, यूपी पहुंच गई। वहां आरोपी रवि कुमार को दबोच लिया गया।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह पेशे से मोबाइल मैकेनिक है। उसके पूरे गांव में लड़के पेटीएम और ओएलएक्स के जरिये लोगों को ठगते हैं। कुछ समय पूर्व उसकी मुलाकात कन्हैया नामक युवक से हुई थी। उससे ठगी सीखकर आरोपी वारदात को अंजाम देने लगा। राज से ठगे गए रुपयों को उसने अपने दोस्त खालिद के पेटीएम अकाउंट के जरिये मंगाए थे। खालिद ने दस फीसदी कमीशन रखने के बाद बाकी रुपये उसे दे दिए थे। अब पुलिस को खालिद की भी तलाश है।