दिल्ली में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना लागू होने के बाद अब लाभार्थियों को ई-कार्ड वितरण भी शुरू होगा। बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा पहला ई कार्ड सौपेंगे। इस दौरान केंद्र के साथ दिल्ली सरकार की ओर से एक और एमओयू साइन होगा, जिसमें मोहल्ला क्लीनिक और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की मंजूरी होगी।
कार्यक्रम में दिल्ली सरकार को केंद्र की ओर से लंबित दो हजार करोड़ रुपये भी आवंटित होंगे। जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल को विज्ञान भवन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित है।
इसमें सबसे पहले आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को ई कार्ड सौंपा जाएगा। इस बीच प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) को लेकर दिल्ली सरकार एमओयू साइन करेगी। पांच अप्रैल को दिल्ली ने केंद्र के साथ एमओयू साइन कर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को लॉन्च किया है।
इसके तहत दिल्ली में 6.54 लाख परिवारों के करीब 30 लाख सदस्यों को सालाना पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा साथ ही, पांच लाख रुपये का अतिरिक्त उपचार यानी कुल 10 लाख रुपये का लाभ मिलेगा।
दिल्ली के 4.50 लाख परिवारों में कुल छह लाख बुजुर्ग हैं, जिनकी आयु 70 वर्ष या उससे अधिक है। इन्हें पीएम वय वंदना योजना का हिस्सा बनाया जाएगा, जिसमें पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा सिर्फ उन्हीं बुजुर्गों के लिए रहेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, इस एमओयू के बाद दिल्ली में करीब 450 मोहल्ला क्लीनिक को नया स्वरूप दिया जाएगा। इसमें 60 से भी ज्यादा तरह की जांच, जनऔषधि और कैंसर की निशुल्क स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। दिल्ली के सभी 11 जिलों में एक-एक शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना होगी। इसमें करीब दो वर्ष लग सकते हैं।
हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला, 4 साल से पड़े हैं 2,400 करोड़
साल 2020 में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के सहयोग के लिए 60 हजार करोड़ रुपये की घोषणा की थी। इस योजना को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) का नाम दिया, जिसमें दिल्ली को 2,400 करोड़ रुपये आवंटित हुए।
बाद में यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट में पहुंचा, जहां आम आदमी पार्टी के विधायक और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने योजना पर सवाल खड़े किए। तब से दिल्ली के 2,400 करोड़ रुपये लंबित हैं। अब दिल्ली सरकार को केंद्र की ओर से यह बजट आवंटित किया जाएगा।