जेपी ग्रुप के ऑफिस पर प्रदर्शन करते लोग
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रिटायरमेंट के बाद पति के साथ अपने घर में रहने का सपना देख रही शशी जोशी के लिए जेपी बिल्डर के दिवालिया होने के कगार की खबर दुखों का पहाड़ बनकर आई है। शशी ने बताया कि घर लेते वक्त मन में कई सवाल उठे थे। लेकिन जेपी का नाम सुनकर उन्हें विश्वास जगा था कि बड़ा नाम है, उनका पैसा सुरक्षित रहेगा।
2018 में उनके पति पति पीसीजोशी रिटायर हो रहे हैं। पति-पत्नी रिटायरमेंट के बाद सुकुन से अपने घर में रहने का सपना देख रहे थे। इसलिए जब उन्हें जेपी के प्रोजेक्ट के बारे में पता चला तो अपनी सारी जमा पूंजी उसमें निवेश कर दी ।
उन्होंने 2014 में फ्लैट बुक किया था। उन्हें बताया गया था कि फ्लैट का काम लगभग पूरा है। एक महीने के अंदर उन्हें पजेशन प्राप्त हो जाएगा। लेकिन आश्वासनों के सिवा उन्हें अभी तक कुछ नहीं मिला है।
शशी ने बताया कि उनके पति को हार्ट की समस्या हो गई है। कुछ समय पहले ही उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई है। वो ज्यादा कहीं जा नहीं सकते हैं। बार-बार अस्पताल ले जाना पड़ता है। पिछले दिन टीवी चैनल पर जेपी की खबर देखते-देखते उन्हें सीने में दर्द की शिकायत शुरू हो गई। जिसके बाद उन्हें कैलाश अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घर के लिए बैंक से लोन लिया था।
हर महीने उसकी 20 हजार किस्त आती है। जहां रह रहे हैं, उसका भी किराया देना पड़ता है। पति की बीमारी के बाद समझ नहीं आ रहा है कि कैसे खर्चा चलाएं। बैंक का लोन, इनकम टैक्स, अस्पताल का खर्चा ये सब कैसे पूरा होगा, कोई रास्ता नजर नहीं आता है।