फरीदाबाद नगर निगम की जमीन पर हो रहे कब्जे और अतिक्रमण पर तत्परता दिखाते हुए संयुक्त आयुक्त आशिमा सांगवान ने मंगलवार को तहसीलदार व पटवारियों के साथ निगम सभागार में बैठक की और तत्काल प्रभाव से कब्जे व अतिक्रमण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने पटवारियों की जवाबदेही तय की है। हर महीने इसकी समीक्षा की जाएगी।
नगर निगम सीमाक्षेत्र में अबैध कब्जे और अतिक्रमण दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं। सबसे बुरा हाल एनआईटी क्षेत्र का है। शहर के कई सामाजिक संगठन व आरटीआई एक्टिविस्ट इस मुद्दे को उठा रहते हैं लेकिन निगम अधिकारियों की लापरवाही के चलते इस पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
पिछलों दिनों राज्य सरकार ने जिला प्रशासन और नगर निगम को इस बारे में सख्त निर्देश देते हुए अबैध कब्जे व अतिक्रमण पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इस बाबत मंगलवार को एनआईटी की संयुक्त आयुक्त आशिमा सांगवान ने तहसीलदार समेत सभी पटवारियों के साथ बैठक की। निगम पटवारियों से पूछा कि कुल कितनी जमीन है।
कितनी और कहां कहां कब्जा व अतिक्रमण हुआ पड़ा है। इसकी सर्वे रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें। खासकर वह जो पंचायती जमीन है। पटवारी फील्ड में जाकर जमीन की पैमाइश करेंगे और रिपोर्ट तैयार करेंगे कि कितनी जमीन अबैध कब्जे व अतिक्रमण की चपेट में है। आशिमा सांगवान ने कहा कि बैठक का मुख्य उदेश्य नए कब्जे व अतिक्रमण को रोकना है।
निगम की जमीन का होगा डिमार्ककेशन:
-सूत्रों की मानें तो निगम सीमाक्षेत्र की करीब 6500 एकड़ जमीन है। जिसमें से अभी 6000 एकड़ जमीन खाली पड़ी हैं। यहां लोग धड्ल्ले से कब्जा कर रहे हैं। पटवारी सर्वे करने के बाद जमीन का डिमार्ककेशन करेंगे और पिलर गाड़े जाएंगे। जहां जरूरत पड़ेगी वहां दीवार भी बनाई जाएगी ताकि कब्जा न हो सके।
पटवारी की जवाबदेही तय:
-बैठक में पटवारियों से कहा गया कि अब उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्हें इस बात की रिपोर्ट हर महीने देगी होगी कि उनके क्षेत्र में कोई कब्जा नहीं हुआ है। यदि हुआ है तो क्या कार्रवाई की गई। किसी भी सूरत में जमीन पर कब्जा न होने पाए, पटवारी इसे सुनिश्चित करेंगे।