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जेएनयू हिंसाः कुछ नकाबपोशों की हुई पहचान, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी

Wed, 08 Jan 2020 05:38 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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jnu violence - फोटो : अमर उजाला
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जेएनयू में पांच फरवरी को जिन नकाबपोश लोगों ने हॉस्टलों में घुसकर छात्रों और शिक्षकों से मारपीट की थी, उनमें से कुछ की पहचान कर ली गई है। जल्द ही पुलिस इनकी गिरफ्तारियां कर सकती हैं।

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सरकारी सूत्रों के हवाले से आ रही खबर के अनुसार पुलिस ने कुछ नकाबपोश लोगों की पहचान कर ली है और जल्द ही वह वीडियो में दिख रहे अन्य लोगों की भी पहचान कर लेगी जिन्होंने जेएनयू की संपत्ति की तोड़फोड़ की और मारपीट की।
पांच जनवरी के दिन क्या हुआ था
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) कैंपस में रविवार शाम छात्र गुटों में जमकर मारपीट हुई। इससे दोनों पक्षों के 26 से अधिक छात्र घायल हो गए, जिनमें से 12 के सिर में गंभीर चोटें आईं। घायलों में छात्र संघ अध्यक्ष आईशी घोष सहित महिला शिक्षक भी हैं।
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आईशी को गंभीर हालत में एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया थ्ाा। जेएनयू छात्रसंघ ने मारपीट व तोड़फोड़ का एबीवीपी पर आरोप लगाया। जबकि, एबीवीपी का कहना है कि यह सब लेफ्ट ने किया है।

बताया जाता है कि नकाब पहने 40 से 50 युवकों की भीड़ कैंपस में पहुंची और हॉस्टल में घुसकर हमला किया। कई वाहनों को तोड़ दिया गया। देर रात तक 23 घायलों को एम्स ट्रामा और तीन को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

आरोप है कि हमलावर छात्राओें के हॉस्टल में भी घुस गए और मारपीट की। हमले की सूचना के बाद कई एंबुलेंस कैंपस पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घायलों को देखने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा भी एम्स पहुंची थीं। इस घटना के विरोध में छात्र देर रात तक प्रदर्शन कर रहे थे और पुलिस मुख्यालय का घेराव करने पहुंचे थे।

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इधर, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बुधवार को नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। 




वहीं, दिल्ली पुलिस ने एक मीडिया पोस्ट पर संज्ञान लिया है। पोस्ट में 'कश्मीर आजाद' लिखा हुआ था जो कॉलेज के द्वारा विरोध प्रदर्शन के तौर पर दिखाया जा रहा था। दिल्ली पुलिस विशेष प्रकोष्ठ ने पोस्ट में तस्वीर की प्रामाणिकता को सत्यापित करने के लिए जांच कर उचित कार्रवाई की है।



 
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