हाईकोर्ट ने जेएनयू के छात्र नजीब अहमद के लापता होने के चार माह बाद भी कोई सुराग न मिलने पर हैरानी जताई है। अदालत ने कहा कि यदि पुलिस को अब तक के साक्ष्यों पर छात्र का पता नहीं चल पाया तो वह अन्य संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाएं।
न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी व विनोद गोयल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि छात्र 15 अक्तूबर 2016 को लापता हुआ था। चार माह बीतने के बाद भी मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं। अदालत मामले में संदिग्ध 9 छात्रों में एक छात्र की याचिका पर सुनवाई कर रही है। छात्र ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए पुलिस द्वारा दिए नोटिस व खंडपीठ को अपने 14 दिसंबर व 22 दिसंबर के आदेश पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से पेश अधिवक्ता ने दायर याचिका पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा याची ने इससे पूर्व भी इस मुद्दे पर याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने 23 जनवरी को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा याची छात्र है और उसे एक छात्र की तरह ही व्यवहार करना चाहिए।