बीते बृहस्पतिवार रात से छात्र संघ अध्यक्ष नीतीश कुमार, उपाध्यक्ष मनीषा सहित आठ छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हालांकि छात्रों के विरोध के बीच जेएनयू प्रशासन पीएचडी दाखिला को लेकर कार्यक्रम जारी कर चुका है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ की शैक्षणिक सत्र 2025-26 के पीएचडी दाखिला में प्रवेश परीक्षा बहाली सहित अन्य मांगों को लेकर रविवार को भी भूख हड़ताल जारी रही। छात्र संघ ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए फंड की मांग की है।
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बीते बृहस्पतिवार रात से छात्र संघ अध्यक्ष नीतीश कुमार, उपाध्यक्ष मनीषा सहित आठ छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हालांकि छात्रों के विरोध के बीच जेएनयू प्रशासन पीएचडी दाखिला को लेकर कार्यक्रम जारी कर चुका है।
छात्र संघ के पदाधिकारियों के अनुसार पिछले कई साल से जेएनयू प्रशासन ने जेएनयू छात्र संघ के कामकाज के लिए निर्धारित धनराशि को व्यवस्थित रूप से रोक रखा है।
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लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रतिनिधि निकाय होने के बावजूद छात्र संघ वित्तीय सहायता के बिना काम करने के लिए मजबूर है। छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगाए गए हर विरोध प्रदर्शन, पैम्फलेट, पोस्टर को सीधे छात्रों द्वारा ही वित्त पोषित किया गया है।
वर्तमान में जेएनयू छात्र संघ प्रशासन की एकतरफा और छात्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहा है। हम सभी लोकतांत्रिक विचारधारा वाले व्यक्तियों, छात्र संगठनों, पूर्व छात्रों और नागरिक समाज के सदस्यों से अपील करते हैं कि वह आगे आएं और फंड में योगदान दें।
छात्र संघ के ओपन लेटर के बाद जेएनयू कुलगुरु ने छात्र संघ के चारों पदाधिकारियों से एक साथ मिलने को लेकर पहले ही सहमति दे चुकी है। इस संबंध में एक जुलाई को बैठक होगी।