विश्वविद्यालय प्रबंधन ने हॉस्टल नियम का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसके तहत हॉस्टल के नियम सख्त कर दिए गए हैं। कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कमेटी ने ड्राफ्ट के नियम बनाए हैं। ड्राफ्ट के प्रस्ताव को एग्जीक्यूटिव काउंसिल में पास करवा लिया गया है।
जेएनयू में कुल 18 हॉस्टल हैं जिनमें 5500 छात्र रहते हैं। नए नियमों के तहत अब लड़कियां, लड़कों के हॉस्टल में कमरों तक नहीं जा सकेंगी। यदि कोई छात्रा किसी पुरुष हॉस्टल कमरे में पाई जाती है तो जुर्माने के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नए नियमों के ड्राफ्ट में हॉस्टल आवंटन, ठहरने, छुट्टी, खाना-पीना, गुणवत्ता से लेकर ऑडिट भी शामिल है। इससे पहले 2005 में हॉस्टल नियमों में बदलाव किया गया था। कुल 132 पन्नों में हॉस्टल नियम हैं। विश्वविद्यालय कैंपस में कुल 18 हॉस्टल हैं। इसमें आठ पुरुष, पांच महिला और पांच मैरिड हॉस्टल हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सभी स्टेकहोल्डर से 18 अक्तूबर तक इस पर सुझाव मांगे हैं।
ड्राफ्ट पॉलिसी में प्रावधान
क्या करें
- गेस्ट हॉस्टल में कमरा लेने के लिए वार्डन की अनुमति जरूरी होगी
- रात को हॉस्टल से बाहर रहने पर वार्डन से पूर्व में लिखित में अनुमति लेनी होगी
- हॉस्टल में ले सकेंगे सामान्य डाइट। मनपसंद खाने की डिमांड करने पर करना होगा भुगतान
- विश्वविद्यालय नाइट की तर्ज पर पूर्व अनुमति से हॉस्टल नाइट का हो सकेगा आयोजन
- हॉस्टल में भी चुनाव आयोजित किए जाएंगे
- हॉस्टल की सभी कमेटी में छात्रों की भी जिम्मेदारी तय की गई है
- मेस सिक्योरिटी 5500 से बढ़ाकर 12 हजार
- पहली बार सर्विस यूटिलिटी चार्ज वसूला जाएगा
- ड्रेस कोड भी लागू होगा
- सर्विस चार्ज के तौर पर 1700 रुपये देने होंगे
- रात 11 बजे तक ही हॉस्टल में प्रवेश
- डबल सीटर रूम का किराया 10 से बढ़कर 300 रुपये प्रति माह हुआ
- सिंगल सीटर रूम का किराया 20 से बढ़कर 600 रुपए प्रति माह हो गया