मध्यप्रदेश हरदा से भाजपा नेता गोपाल भार्गव ने बिना नाम लिए अभिनेत्री दीपिका पादुकोण पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, "हिरोइन को तो मुंबई में बैठकर डांस करना चाहिए। जेएनयू में क्यों गई वो, मुझे समझ नहीं आ रहा है। इस प्रकार के दर्जनों लोग हैं जो कार्यकर्ता, कलाकार कहलाते हैं।"
नई दिल्ली के डीसीपी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा बुलाई गई बैठक को लेकर कहा कि जेएनयू छात्र और शिक्षकों के एक गुट ने मंडी हाउस से लेकर एमएचआरडी, शास्त्री भवन वाया राजेंद्र प्रसाद रोड तक मार्च निकाला था। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक में नौ लोगों के एक प्रतिनिधि मंडल ने हिस्सा लिया, इसमें शिक्षक भी शामिल रहें।
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि मंडल बैठक के बाद बाहर निकले जिसके बाद छात्र नेताओं में से एक ने राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ने के लिए सभा को उकसाया। इसके बाद उन्होंने राजेंद्र पीडी रोड पर सामान्य यातायात बंद कर दिया। उन्हें ऐसा करने से रोका गया। 11 लोगों को हिरासत में लिया गया है और बाद में रिहा कर दिया गया।
कांग्रेस नेता जयराम रमेेश ने आज जेएनयू हिंसा पर प्रेस कांफ्रेंस करते हुए इस पूरी घटना के लिए गृहमंत्री और शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि मैं सीधे तौर पर आरोप लगाता हूं दोनों पर। 72 घंटे हो गए पुलिस ने अब तक पहचाने गए लोगों को क्यों गिरफ्तार नहीं किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि जेएनयू वीसी अपने पद से इस्तीफा दें।
जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग इस मार्च में शामिल हैं, इसके कारण मार्च को सिटिजन मार्च नाम दिया गया है। यह मार्च अब जनपथ मार्ग पहुंच गया है जिसमें वामपंथी नेता सीताराम येचुरी, वृंदा करात, डी राजा व अन्य बड़े नेता शामिल हैं।
इस वक्त जेएनयूएसयू अध्यक्ष आईशी घोश मंडी हाउस पहुंच चुकी हैं। वह इस मार्च का चेहरा हैं। वहीं पुलिस ने मानव श्रृंखला बना ली है ताकि यातायात में कोई परेशानी न हो।
जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों के साथ मिलकर मंडी हाउस से निकाले जाने वाले सिटिजन मार्च के लिए वामपंथी नेता सिताराम येचुरी व अन्य मंडी हाउस पहुंच चुके हैं।
अब छात्र बसों में सवार होकर विश्वविद्यालय से मंडी हाउस की ओर जा रहे हैं। यहां से वह संसद के लिए कूच करेंगे।
पुलिस ने छात्रों के मार्च को गेट पर ही रोक लिया है और आगे जाने की इजाजत नहीं दी है। इसी को लेकर छात्रों और पुलिस में कहासुनी हो गई है।
Delhi: Protests continue in Jawaharlal Nehru University against the January 5 violence in the campus. pic.twitter.com/ReFcw4TxZn