जेएनयू में फीस बढ़ोत्तरी के मामले में हरियाणा के जन संघर्ष मंच और समतमूलक महिला संगठन ने भी गोहाना में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जेएनयू छात्रसंघ के संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने फीस बढ़ोत्तरी के फैसले को पूरी तरह वापस लेने की मांग उठाई।
छात्रों को मिला जादवपुर यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ का समर्थन
फीस वृद्धी के विरोध में संसद तक मार्च कर रहे जेएनयू छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मामला देशभर में फैल चुका है। मंगलवार को पश्चिम बंगाल के जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने प्रेस रिलीज जारी कर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जस तरह से विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों पर फीस विद्धी के फैसले को थोपा है, वह विश्वविद्यालय की मर्यादा के खिलाफ है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है।
मालूम हो कि इससे पहले सोमवार को फीस बढ़ोत्तरी के खिलाफ जेएनयू के छात्रों ने विश्वविद्यालय से संसद तक कूच किया था। इस दौरान उन्हें रोकने के लिए संसद भवन के आसपास धारा 144 लागू की गई थी। इसके बावजूद छात्रों ने अपना मार्च जारी रखा तो पुलिस के साथ जमकर उनकी धक्का-मुक्की हुई।
इसके बाद छात्रों ने अपना रास्ता बदल कर सफदरजंग की ओर से संसद का कूच करने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया और सफदरजंग मकबरे के पास ही इन्हें रोक लिया गया। इस मौके पर छात्रों ने मांग रखी थी कि बढ़ाई गई फीस पूरी तरह से वापस ली जाए। साथ ही उन्होंने मांग की कि जिन साथियों को पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया है उन्हें छोड़ा जाए।