यह जूलूस गंगा ढाबा से शुरू होकर कुलपति कार्यालय तक पहुंचा। यहां छात्रों ने मशाल जलाते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कुलपति अपनी मनमर्जी के फैसले छात्रों पर थोप रहे हैं, जोकि गलत है। इस अन्याय के खिलाफ हम आवाज उठाएंगे।
उधर, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने नोटिस में लिखा है कि कुलपति कार्यालय के नीचे किसी भी तरह के धरने प्रदर्शन, रैली या जुलूस निकालने की मनाही है।
यदि कोई छात्र विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन करता है, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।