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जेएनयू छात्रसंघ का दावा, फर्जी प्रॉक्टर जांच के नाम पर रोका गया 300 छात्रों का पंजीकरण

Mon, 13 Jan 2020 02:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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jnu protest - फोटो : अमर उजाला
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जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ और प्रशासन के बीच तकरार लगातार बढ़ती जा रही है। कैंपस में हिंसा के बाद छात्र वीसी को तो हटाने की मांग कर ही रहे हैं अब छात्र संघ ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने ‘फर्जी प्रॉक्टर जांच’ का हवाला देकर 300 छात्रों का पंजीकरण रोक दिया है।

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छात्र संघ ने शनिवार को विश्वविद्यालय के छात्रों से कहा था कि वे अपने पाठ्यक्रम की फीस भर दें लेकिन छात्रावास की बढ़ी हुई फीस न भरें।

जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा, कुलपति ने पहले फीस भरने वाला पोर्टल ब्लॉक किया, फिर ट्यूशन फीस भरने वाला पोर्टल भी ब्लॉक कर दिया। स्पष्ट है कि कुलपति झूठ बोल रहे थे कि छात्र पंजीकरण कराना चाहते हैं लेकिन प्रदर्शनकारी उन्हें ऐसा करने नहीं दे रहे।

उन्होंने कहा कि कुलपति ने ऐसे ‘फर्जी प्रॉक्टर जांच’ को आधार बनाकर 300 छात्रों का पंजीकरण रोक दिया है जो अभी तक पूरी भी नहीं हुई है। उसने कहा, ‘सच तो यह है कि प्रशासन चाहता ही नहीं है कि छात्र पंजीकरण कराएं और उनका पंजीकरण रोक रहा है।’
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छात्र संघ के उपाध्यक्ष साकेत मून ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ हुई बैठक में तय हुआ था कि प्रशासन प्रदर्शन में शामिल हुए छात्रों के प्रति नरम रवैया रखेगा और उन्हें सजा नहीं देगा।

उन्होंने कहा, लेकिन कई छात्रों ने जब पंजीकरण के लिए पोर्टल खोला तो देखा कि उन्हें या तो निलंबित कर दिया गया है या फिर वे पंजीकरण नहीं करा सकते हैं। जेएनयू प्रशासन ने सर्दियों वाले सत्र के लिए पंजीकरण की तारीख रविवार को बढ़ाकर 15 जनवरी कर दी।

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आइशी से आज हो सकती है पूछताछ

जेएनयू हिंसा मामले में छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष और पदाधिकारियों से आज पूछताछ हो सकती है। दिल्ली पुलिस ने नोटिस देकर आइशी को पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने के लिए कहा है। 

पुलिस ने यह भी कहा कि अगर वे हॉस्टल में उपलब्ध होंगी तो महिला पुलिस अफसर उनसे वहां पूछताछ कर सकती है। दूसरी तरफ, एसआईटी ने कैंपस हिंसा में शामिल सात अन्य लोगों की पहचान की है। सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो और चैटिंग के स्क्रीन शॉट्स के जरिये इनकी पहचान की गई है।

अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ प्रोफेसरों, छात्रों और गार्डों से शनिवार को पूछताछ की गई। इनमें तीन प्रोफेसर, चार सिक्योरिटी गार्ड व तीन घायल शामिल हैं। ये सभी हिंसा के पीड़ित हैं। 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभी किसी भी आरोपी से पूछताछ नहीं हुई है। एसआईटी सोमवार से आरोपियों से पूछताछ शुरू करेगी। इसके लिए रविवार को आरोपियों को नोटिस दिए गए। 
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