जेएनयू की छात्रा के साथ दुष्कर्म मामले की जांच जिला पुलिस से लेकर अपराध शाखा को सौंप दी गई है। छात्रा की शिकायत पर मामला दर्ज करने को लेकर शुरू से ही नई दिल्ली व दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस आमने-सामने हो गई थीं।
वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला नई दिल्ली जिले के मंदिर मार्ग थाने में दर्ज किया गया था। दोनों जिलों के पुलिस अधिकारियों से बात की गई तो वे एक-दूसरे को कोसते नजर आते हैं। छात्रा ने शिकायत में कहा है कि उसने 95 नंबर की कैब मंदिर मार्ग इलाके से ली थी। छात्रा दो दिन बाद वसंत कुंज इलाके के एक पार्क में पड़ी मिली थी।
दूसरी तरफ, दुष्कर्म के आरोपी कैब चालक का छह दिन बाद भी कुछ पता नहीं लगा है। नई दिल्ली जिले में सभी थानों से तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों की एक टीम बनाई गई है। इसको एक व्हाट्स ऐप ग्रुप से जोड़ा गया है।
इस टीम ने आईआईटी के पास सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी। पुलिस को पता लगा है कि छात्रा 4 अगस्त की सुबह आईआईटी के सामने स्थित पार्क के बस स्टैंड पर बैठी हुई थी। वहां से छात्रा को स्कूटी चालक ने जेएनयू के सामने छोड़ा था।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल चुकी है, लेकिन जिले में छात्रा कहीं भी दिखाई नहीं दी है। इसी कारण जांच अपराध शाखा को सौंपी जाएगी।