जेएनयू के छात्र नजीब अहमद की गुमशुदगी के मामले की मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। जांच अधिकारी के किसी अन्य मामले में शिमला जाने का हवाला देकर मोहलत मांग ली गई।
कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए 11 मई की तारीख तय की है। बता दें कि हाईकोर्ट ने मामले में संदिग्ध छात्रों के मोबाइल की पूरी रिपोर्ट पेश न करने पर सीएफएसएल चंडीगढ़ को दो अप्रैल को कड़ी फटकार लगाई थी।
हाईकोर्ट ने कहा था कि 30 अप्रैल तक संपूर्ण रिपोर्ट पेश नहीं की गई तो निदेशक को तलब किया जाएगा। जस्टिस एस. मुरलीधर व जस्टिस आईएस मेहता की खंडपीठ के समक्ष सीबीआई के वकील ने कहा कि जांच अधिकारी दुष्कर्म के किसी बड़े मामले की जांच के चलते शिमला गया हुआ है। इसलिए मोहलत दी जाए।
नजीब अहमद 15 अक्तूबर 2017 से लापता है और उसकी मां ने उसे तलाश करने के लिए प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर रखी है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस मामले में कुछ नहीं हो रहा है। इस केस की जांच कोर्ट की निगरानी में कराई जाए और संदिग्ध छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए।