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दिल्ली: जेएनयू कैंपस में जल्द खुलेगा कोविड हेल्थ सेंटर, पूर्व छात्रों से मांगा आर्थिक सहयोग

Thu, 20 May 2021 01:01 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पूर्व छात्र ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर मास्क, ऑक्सीमीट, डिजिटल थर्मामीटर, सेनिटाइजर आदि के माध्यम से भी मदद कर सकते हैं। इसके अलावा यदि कोई इच्छुक हो तो एक दिन का वेतन भी दे सकता है।
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विस्तार
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय  प्रशासन कैंपस में कोविड हेल्थ सेंटर खोलना चाहता है। इसका मकसद छात्रों,  शिक्षकों, कर्मियों समेत उनके  परिवारों को  कोरोना संक्रमण से बचाव और समय पर उचित इलाज मुहैया करवाना है। इसी के चलते  विश्वविद्यालय प्रशासन ने जेएनयू के पूर्व छात्रों से आर्थिक सहयोग मांगा है।

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पूर्व छात्र ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर मास्क, ऑक्सीमीट, डिजिटल थर्मामीटर, सेनिटाइजर आदि के माध्यम से भी मदद कर सकते हैं। इसके अलावा यदि कोई इच्छुक हो तो एक दिन का वेतन भी दे सकता है।
 
कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने बुधवार को कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विश्वविद्यालय कैंपसमें कोविड हेल्थ सेंटर बनाने की योजना है। हालांकि पैसे और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के चलते योजना पूरी करने में मुश्किल आ रही हैं। इसी के चलते पूर्व छात्रों से अब मदद मांगी जा रही है।
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फरवरी 2020 में आयोजित  एग्जीक्यूटिव  काउंसिल बैठक में पूर्व छात्रों के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जेएनयू  एल्यूमनाई एंडोमेंट फंड के गठन को मंजूरी दी गई थी। इसके माध्यम  से  इच्छुक  पूर्व छात्र  विश्वविद्यालय और छात्रों के  बेहतर भविष्य के  लिए आर्थिक रूप से सहयोग  कर सकते  हैं। क्योंकि  पूर्व छात्र भी विश्वविद्यालय  का  ही एक हिस्सा होते हैं। 

प्रो. कुमार के  मुताबिक, जेएनयू  प्रशासन ने कोरोना हालात से  निपटने और संक्रमितों की मदद के लिए  कोविड -रिस्पांस टीम भी तैयार की थी। प्रोफेसर की यह टीम संक्रमितों के  इलाज, अस्पताल,  दवा, खाने, एंबुलेंस, जांच आदि की मदद कर रही थी।

हालांकि कोरोना हालात से  निपटने के लिए  कैंपस के हेल्थ सेंटर को कोविड हेल्थ सेंटर में  तब्दील करने की योजना है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन के  पास  हेल्थ सेंटर को आधुनिक रूप से  तैयार करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। इसीलिए पूर्व छात्रों से आर्थिक मदद मांगी गई है, ताकि  वहां  से मिलने वाले पैसे से  इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जा सके। इसके अलावा  वे उपकरण आदि देकर भी मदद कर सकते हैं।

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