-राजनीति का आधार अहिंसा और संवैधानिक लोकतंत्र होना चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की एनएसयूआई इकाई ने आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के बांग्लादेश आंदोलन पर दिए बयान की निंदा की है। जेएनयू एनएसयूआई इकाई के अनुसार भारतीय छात्र राजनीति का आधार अहिंसा और संवैधानिक लोकतंत्र होना चाहिए।
एनएसयूआई ने इस टिप्पणी से खुद को अलग करते हुए कहा कि बांग्लादेश के घटनाक्रम को एक आदर्श के रूप में पेश करना वहां हुए हिंसक घटनाक्रम, संस्थागत व्यवधान और मानवाधिकार संबंधी चिंताओं की अनदेखी करना है। भारत में छात्र राजनीति डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी, भगत सिंह और जवाहरलाल नेहरू के विचारों से प्रेरणा लेती है।
एनएसयूआई के अनुसार नेहा बोरा ने 14 अक्टूबर को बांग्लादेश के छात्र संगठन को संबोधित वीडियो संदेश में वहां के कार्यकर्ताओं को लाल सलाम किया और आंदोलन को भारत के छात्र आंदोलनों के लिए प्रेरणादायक बताया था। एनएसयूआई ने संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला देते हुए छात्रों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने की अपील की।