जेएनयू छात्र नजीब अहमद के लापता होने के मामले में संदिग्ध 9 छात्रों की अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने आज छात्रों को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
अदालत ने कहा कि वो 9 छात्र आएं और लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए अपनी सहमति या असहमति कोर्ट में दर्ज कराएं। बता दें कि पुलिस इन छात्रों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाना चाहती है, जबकि छात्र इसका विरोध कर रहे हैं।
पटियाला हाउस अदालत के सीएमएम सुमित दास नौ संदिग्ध छात्रों की अर्जी पर आज सुनवाई की। छात्रों ने अर्जी दायर कर कहा था कि हाईकोर्ट ने पुलिस को पॉलीग्राफ जांच कराने का निर्देश नहीं दिया है।
उन्हें नोटिस देने का अधिकार भी जांच अधिकारी को नहीं है। बता दें कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अर्जी दायर कर मामले में नौ संदिग्ध छात्रों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है। जेएनयू में पीएचडी छात्र नजीब अहमद 14 अक्तूबर से लापता हैं।